हाईकोर्ट में सुनवाई : ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए सप्लायर और अस्पतालों का बने व्हाट्सएप ग्रुप, जज बोले- यह कोविड के खिलाफ युद्ध है, लड़ाई नहीं
सेठ एयर ने उच्च न्यायालय को बताया कि ऑक्सीजन सप्लायर कंपनी लिंडे ने ऑक्सीजन की आपूर्ति की दरों में बढ़ोतरी कर दी है, लेकिन सेठ एयर पुरानी दरों पर ही आपूर्ति कर रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर लिंडे अधिक शुल्क ले रहे हैं और आप पुरानी दरों पर आपूर्ति कर रहे हैं तो यह एक समस्या है।
विस्तार
ऑक्सीजन आपूर्ति को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में शुक्रवार को भी सुनवाई हुई। इस दौरान उच्च न्यायालय ने कहा कि यह कोविड के खिलाफ युद्ध है, लड़ाई नहीं। हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं और उनके संबंधित अस्पतालों के बीच संचार के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाने का सुझाव दिया है। जो पारदर्शिता और जवाबदेही रखने में मदद करेगा।
Delhi High Court suggests creating a WhatsApp group for communication between the oxygen suppliers and their target hospitals, which will help in keeping transparency and accountancy.
— ANI (@ANI) April 30, 2021विज्ञापन
ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ताओं में से एक विनायक गैस ने उच्च न्यायालय को बताया कि उसके मालिक को कोरोना से काफी नुकसान हुआ है। बावजूद इसके वे सब कुछ प्रदान कर रहे हैं। वहीं ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता सेठ एयर ने हाईकोर्ट को बताया कि उसके पास अब पर्याप्त धन नहीं है, जिससे वह ऑक्सीजन खरीद सके।
उच्च न्यायालय ने एमिकस क्यूरी को दिया निर्देश
सेठ एयर ने उच्च न्यायालय को बताया कि ऑक्सीजन सप्लायर कंपनी लिंडे ने ऑक्सीजन की आपूर्ति की दरों में बढ़ोतरी कर दी है, लेकिन सेठ एयर पुरानी दरों पर ही आपूर्ति कर रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर लिंडे अधिक शुल्क ले रहे हैं और आप पुरानी दरों पर आपूर्ति कर रहे हैं तो यह एक समस्या है। उच्च न्यायालय ने एमिकस क्यूरी राजशेखर राव को लिंडे से संपर्क करने और इस मुद्दे को समझने की कोशिश करने को कहा है।
बेड और ऑक्सीजन के लिए वकील मांग रहे मदद
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के चेयरमैन और वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने कहा कि हमें ऑक्सीजन, दवाइयां, बेड की मांग करने वाले लोगों के फोन आ रहे हैं। उन्होंने हाईकोर्ट को बताया कि सिलेंडर के लिए वकील मदद मांग रहे हैं। साथ ही उन्होंने कोर्ट को ये भी बताया कि ऑक्सीजन और बेड अगर नहीं मिलेंगे तो वे लोग मर जाएंगे।
आईसीयू बेड वाला एक अस्पताल बार के सदस्यों के लिए संलग्न किया जाए
रमेश गुप्ता ने अदालत से आग्रह किया कि आईसीयू बेड वाला एक अस्पताल बार के सदस्यों के लिए संलग्न किया जाए। उन्होंने कहा कि हम समझते हैं कि स्थिति बहुत अच्छी नहीं है और लोग मर रहे हैं, क्योंकि टीके, ऑक्सीजन, अन्य सुविधाएं नहीं हैं।
हाईकोर्ट ने कहा हम आपके दर्द को समझते हैं
अधिवक्ता गुप्ता ने कहा कि हम यह नहीं कहना चाहते कि दिल्ली या केंद्र सरकार की विफलता है। हम सेना को इसमें शामिल क्यों नहीं कर सकते? इसके बाद हाईकोर्ट ने कहा कि हम आपके दर्द को समझते हैं। कोरोना के इस कोहराम की किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के वकील से निर्देश की मांग की।