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दिल्ली सरकार को उच्च न्यायालय का निर्देशः नियमित हो ऑनलाइन पैथोलॉजिकल लैब, आदेश न मानने पर होगी कार्रवाई
Fri, 05 Mar 2021 08:07 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 05 Mar 2021 08:07 PM IST
सार
- पूछा क्या सरकारी पैथोलॉजिकल प्रयोगशालाएं और अस्पताल एनएबीएल से मान्यता प्राप्त हैं या नहीं
- यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो होगी अवमानना की कार्रवाई
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delhi high court
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार को ऑनलाइन पैथोलॉजिकल लैब को नियमित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाली लैब के खिलाफ कार्रवाई की जाए। अदालत ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो उनके खिलाफ अवमानना कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने इस मुद्दे पर दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार चीजों को व्यवस्थित करेगी और एक न्यायिक आदेश का पालन करेगी। अदालत ने सरकार को यह भी स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि उनकी पैथोलॉजिकल प्रयोगशालाएं और अस्पताल नेशनल एक्रेडिशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिबरेशन लैबोरेटरीज (एनएबीएल) से मान्यता प्राप्त हैं या नहीं। अदालत ने मामले की सुनवाई 12 मार्च तय की है।
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याचिका में उच्च न्यायालय के छह अगस्त 2020 के आदेश का पालन नहीं करने के आरोप लगाए गए जिसमें दिल्ली में अवैध ऑनलाइन स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे और ऑनलाइन पैथोलॉजिकल प्रयोशालाओं को नियमित करने का आदेश दिया गया था।
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अदालत ने कहा कि प्रक्रिया में कुछ मौलिक गलतियां हैं। क्या आपकी अपनी प्रयोगशालाएं और अस्पताल एनएबीएल से संबद्ध हैं? यह बहुत ही मौलिक प्रश्न है।
दिल्ली सरकार के अधिवक्तता संजय घोष ने कहा कि सरकार ने एक अधिसूचना जारी की है जिसमें सभी प्रयोगशालाओं को सूचित किया गया है कि उन्हें उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करना होगा। उच्चतम न्यायालय ने आठ अप्रैल 2020 को निर्देश दिया था कि कोविड-19 की जांच एनएबीएल से संबद्ध प्रयोगशालाओं या डब्ल्यूएचओ या आईसीएमआर से संबद्ध एजेंसियों से ही कराई जाएं।