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दिल्ली हाईकोर्ट का निर्देश: आध्यात्मिक आश्रम पर नजर रखने के लिए पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी की निगरानी में गठित होगी कमेटी

Tue, 26 Apr 2022 05:50 PM IST
अनुराग सक्सेना पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Tue, 26 Apr 2022 05:50 PM IST
सार

रोहिणी स्थित आध्यात्मिक आश्रम में रहने वाली महिलाओं के पशुओं जैसी स्थित में रहने के आरोप लगे थे। इसके बाद हाईकोर्ट ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए निगरानी समिति गठित करने का निर्देश दिया है।

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Delhi High Court directive Committee will be constituted for Virender Dev Dixit ashram under the supervision of former IPS officer Kiran Bedi
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई-फाइल फोटो

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने आध्यात्मिक वक्ता विरेंदर देव दीक्षित के आश्रम में रहने वाली महिलाओं के कल्याण और उनकी सुरक्षा की देखभाल करने के लिए मंगलवार को पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी की निगरानी में एक कमेटी गठित करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 27 मई को होगी। इससे पहले कोर्ट ने आश्रम के प्रबंधन पर अचंभा जताया था, जिसमें कई महिलाएं कथित रूप से पशुओं जैसी स्थिति में रखी गई थीं।

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रोहिणी स्थित आध्यात्मिक विद्यालय से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश जस्टिस विपिन सांघी की अगुवाई वाली समिति ने कहा कि संस्थान धार्मिक और आध्यात्मिक कार्य करने के लिए स्वतंत्र है और कमेटी यह सुनिश्चित करेगी कि आश्रम के अंदर किसी भी महिला या बच्चे (अगर हों तो) के साथ ऐसा व्यवहार ना किया जाए जो उनके मौलिक या कानूनी अधिकार का उल्लंघन करता हो।

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हाईकोर्ट ने बताया कि संबंधित जिला अधिकारी इस कमेटी का चेयरपर्सन होगा और स्थानीय जिला अधिकारी, पुलिस उपायुक्त (महिला सेल), जिला विधि सेवा प्राधिकरण का सचिव, दिल्ली महिला आयोग द्वारा नामित व्यक्ति और जिले की महिला एवं बाल विकाल विभाग का अधिकारी इसके सदस्य होंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि हम यह भी स्पष्ट करते हैं कि संस्थान अपने धार्मिक और आध्यात्मिक क्रियाकलाप करने के लिए स्वतंत्र रहेगी।

कोर्ट ने कहा था कि इसे दिल्ली सरकार के अंतर्गत कर दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने कमेटी से मासिक रिपोर्ट भी मांगी थी और कहा था कि इसके संचालन के लिए सरकार जरूरी सहयोग प्रदान कराएगी।

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इसके बाद दिल्ली सरकार के वकील संतोष त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया था कि निजी संस्थान के संचालन के लिए सरकार के पास कोई तंत्र नहीं है। उन्होंने कोर्ट से आश्रम के क्रियाकलापों की निगरानी के लिए कमेटी गठित करने का आग्रह किया था।

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