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Delhi HC : BS-IV वाहनों पर प्रतिबंध का मामला, कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट जाने को कहा
Sat, 20 Dec 2025 06:59 PM IST
राहुल तिवारी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: राहुल तिवारी
Updated Sat, 20 Dec 2025 06:59 PM IST
सार
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि बीएस IV वाहनों पर प्रतिबंध वायु प्रदूषण रोकने के लिए लगाया गया है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में पहले से सुनवाई चल रही है, इसलिए याचिकाकर्ता को वहीं राहत के लिए जाना चाहिए।
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दिल्ली हाईकोर्ट, Delhi High Court
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने बाहरी राज्यों में पंजीकृत बीएस IV निजी वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण और वायु गुणवत्ता से जुड़े मामलों पर शीर्ष अदालत पहले से ही विस्तृत आदेश पारित कर रही है।
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हाईकोर्ट ने शनिवार को एक याचिकाकर्ता से कहा कि वह शहर में प्रवेश पर बाहरी राज्यों में पंजीकृत बीएस IV निजी वाहनों पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करे। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने कहा कि दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण से जुड़े समान मुद्दों पर शीर्ष अदालत पहले ही विस्तृत आदेश पारित कर चुकी है, इसलिए इस याचिकाकर्ता को भी सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए कहा जाना चाहिए।
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अदालत ने कहा कि अधिसूचना के अवलोकन से स्पष्ट है कि यह वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए जारी की गई है। सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही में वायु गुणवत्ता से जुड़े ऐसे ही मुद्दों पर विस्तृत आदेश दिए गए हैं। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि इसी तरह की एक याचिका इस अदालत की डिवीजन बेंच के समक्ष भी दायर की गई थी, जिसमें यह राय दी गई थी कि चूंकि दिल्ली में वायु गुणवत्ता से जुड़े मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट पहले से विचार कर रहा है, इसलिए याचिकाकर्ता को उन्हीं कार्यवाहियों का हिस्सा बनना चाहिए।
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न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा कि डिवीजन बेंच द्वारा लिए गए दृष्टिकोण के अनुरूप, इस याचिका का निपटारा किया जाता है और याचिकाकर्ता को सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए कहा जाता है, जो पहले से ही दिल्ली में वायु गुणवत्ता से जुड़े मुद्दों पर विचार कर रहा है। हाईकोर्ट नोएडा निवासी सोनिका घोष की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें दिल्ली के बाहर पंजीकृत और बीएस IV उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाले निजी वाहनों पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने की मांग की गई थी।
यह प्रतिबंध 17 दिसंबर को दिल्ली सरकार के पर्यावरण एवं वन विभाग द्वारा अधिसूचित किया गया था। याचिका में कहा गया कि ग्रैप IV ढांचा और उसका क्रियान्वयन आवश्यकताओं और उचित सावधानी पर विचार किए बिना अधिसूचित किया गया है। इसमें कहा गया कि आदेशों में दिल्ली के बाहर पंजीकृत उन निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक शामिल है, जिन्हें गैर बीएस VI श्रेणी में रखा गया है।
याचिका के अनुसार, इसमें वाहन जब्ती और वाहन मालिक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई जैसे कठोर कदम भी शामिल हैं। याचिका में बीएस IV वाहनों के संबंध में लगाए गए प्रतिबंध के आधार पर किसी भी तरह की दमनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है।