Delhi: पानी के मामले में आत्मनिर्भर बनेगी दिल्ली सरकार, पानी की व्यवस्था के साथ भूजल स्तर में सुधार की योजना
दिल्ली सरकार पानी की आपूर्ति बढ़ाने के मिशन के तहत दो स्तरों पर काम कर रही है। एक ओर वह भूजल का स्तर बढ़ाने, वहीं दूसरी ओर बारिश के मौसम में सड़कों पर बहने वाले पानी का संचयन करने पर जोर दे रही है।
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दिल्ली सरकार ने पानी के मामले में पड़ोसी राज्यों पर निर्भर रहने के बजाए स्वयं को आत्मनिर्भर बनाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा वह प्रत्येक घर में पेयजल आपूर्ति पहुंचाने पर जोर देगी। वह कच्चे पानी की व्यवस्था करने के साथ-साथ भूजल के स्तर में सुधार करने वाली योजनाओं को अमलीजामा पहनाएगी। वहीं पेयजल आपूर्ति बढ़ाने के लिए मार्च 2025 तक पानी की वर्तमान उपलब्धता 995 एमजीडी से बढ़ाकर लगभग 1240 एमजीडी करेगी।
दिल्ली सरकार पानी की आपूर्ति बढ़ाने के मिशन के तहत दो स्तरों पर काम कर रही है। एक ओर वह भूजल का स्तर बढ़ाने, वहीं दूसरी ओर बारिश के मौसम में सड़कों पर बहने वाले पानी का संचयन करने पर जोर दे रही है। उसकी यमुना में उपलब्ध अतिरिक्त पानी को जमीन के नीचे संरक्षित करना भी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्ष 2019 में पल्ला में शुरू की गई बाढ़ जल संचयन की प्रायोगिक परियोजना प्रति वर्ष 800-1000 एमजी तक भूजल का पुनर्भरण कर रही है। इससे संबंधित क्षेत्रों के भूजल स्तर में करीब दो मीटर की वृद्धि हुई है। यमुना में बारिश के दौरान अतिरिक्त पानी को रिचार्ज करने के अलावा पूरी दिल्ली में बड़े पैमाने पर जल पुनर्भरण परियोजनाएं चल रही हैं। अगले वित्तीय वर्ष में विभिन्न झीलों और अन्य स्रोतों से रोजाना 100 एमजीडी पानी रिचार्ज किया जाएगा।
दिल्ली सरकार 24 घंटे स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की व्यवस्था करने में लगी है। इस कड़ी में दिल्ली जल बोर्ड ने 1671 अनधिकृत कालोनियों में पानी की पाइपलाइन बिछाना सुनिश्चित किया है। हालांकि इनमें से 1630 कालोनियों में जलापूर्ति शुरू की जा चुकी है। इसके अलावा सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और विभिन्न कॉलोनियों में समान पेयजल आपूर्ति का प्रबंधन करने के लिए 3000 से अधिक वाटर फ्लो मीटर लगाए गए है। इससे क्षेत्रवार पानी के वितरण और पानी की बर्बादी होने का पता लगाना आसान हो गया है।
दिल्ली जल बोर्ड ने अपने राजस्व नेटवर्क में 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को शामिल किया है। पिछले वर्ष लगभग 19 लाख व्यक्तिगत उपभोक्ताओं ने प्रति माह 20 हजार लीटर पानी की निशुल्क आपूर्ति की योजना का लाभ उठाया है। समाज के सबसे गरीब तबके को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली सरकार इस वित्तीय वर्ष में झुग्गी बस्तियों, अनधिकृत कॉलोनियों और पानी की कमी वाले क्षेत्रों में 1000 आरओ प्लांट लगाएगी। इससे इन इलाकों में रहने वाले लोगों को 24 घंटे साफ पानी मिल सकेगा। दिल्ली सरकार ने आगामी वर्ष के दौरान जल क्षेत्र के लिए 6342 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
सरकार दिल्ली को ‘झीलों का शहर’ बनाने का अभियान भी युद्ध स्तर पर चला रही है। कुछ महीनों में 20 बड़ी झीलों को पुनर्जीवित करने का काम पूरा हो जाएगा। द्वारका एसटीपी में बनाई गई झीलों ने एक साल की छोटी सी अवधि के भीतर भूजल स्तर में 5.5 मीटर की वृद्धि की है। झीलों के पुनर्जीवित होने के बाद भूजल स्तर में और भी बढ़ोत्तरी हो जाएगी।