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दिल्ली: हेल्थ असिस्टेंट बनना हो तो हो जाएं तैयार, दिल्ली सरकार ने जारी किया मोड्यूल
Mon, 28 Jun 2021 11:27 PM IST
शाहरुख खान
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 28 Jun 2021 11:27 PM IST
सार
कोरोना की तीसरी लहर में पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धि सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने तैयार की रूपरेखा।
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अरविंद केजरीवाल
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
अगर आप भी किसी बीमार पीड़़ित के इलाज में उसकी मदद करना चाहते हैं, कोरोना पीड़ितों का दर्द कम करना चाहते हैं और कोरोना के इस काल में एक उचित काम की तलाश कर रहे हैं तो दिल्ली सरकार आपके लिए एक बेहतर अवसर लेकर आई है। दिल्ली सरकार ने राजधानी में 5000 हेल्थ असिस्टेंट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। यह ट्रेनिंग लेकर आप भी किसी बीमार पीड़ित की मदद कर सकेंगे।
दिल्ली सरकार के इस प्रोग्राम के तहत युवाओं को किसी बीमारी के दौरान काम आने वाली सामान्य चिकित्सकीय तकनीकी जानकारी दी जाएगी। इससे आप कोरोना पीड़ितों की भी मदद कर सकेंगे। सोमवार से इस श्रेणी का पहला ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरु कर दिया गया है जिसमें 500 ट्रेनी को ट्रेनिंग दी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक ये हेल्थ असिस्टेंट डॉक्टरों और नर्सों के असिस्टेंट के रूप में काम करेंगे। ट्रेनीज को कई तरह के काम जैसे पैरामेडिक, लाइफ सेविंग, फर्स्ट एड, होम केयर की ट्रेनिंग दी जाएगी। इन्हें ऑक्सीजन नापने, ब्लड प्रेशर नापने, इंजेक्शन लगाने, कैथेटर, सैंपल कलेक्शन, ऑक्सीजन सिलेंडर, मास्क लगाने जैसे काम सिखाए जाएंगे।
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14 दिन की इस ट्रेनिंग को 2 चरणों में बांटा जाएगा। पहले चरण में ट्रेनीज को 1 सप्ताह तक डेमोंस्ट्रेशन क्लास के ज़रिए बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी और उसके अगले सप्ताह अस्पतालों में असिस्टेंट के रूप में काम सिखाया जाएगा।
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दिल्ली सरकार के इस प्रोग्राम के तहत युवाओं को किसी बीमारी के दौरान काम आने वाली सामान्य चिकित्सकीय तकनीकी जानकारी दी जाएगी। इससे आप कोरोना पीड़ितों की भी मदद कर सकेंगे। सोमवार से इस श्रेणी का पहला ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरु कर दिया गया है जिसमें 500 ट्रेनी को ट्रेनिंग दी जा रही है।
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जानकारी के मुताबिक ये हेल्थ असिस्टेंट डॉक्टरों और नर्सों के असिस्टेंट के रूप में काम करेंगे। ट्रेनीज को कई तरह के काम जैसे पैरामेडिक, लाइफ सेविंग, फर्स्ट एड, होम केयर की ट्रेनिंग दी जाएगी। इन्हें ऑक्सीजन नापने, ब्लड प्रेशर नापने, इंजेक्शन लगाने, कैथेटर, सैंपल कलेक्शन, ऑक्सीजन सिलेंडर, मास्क लगाने जैसे काम सिखाए जाएंगे।
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14 दिन की इस ट्रेनिंग को 2 चरणों में बांटा जाएगा। पहले चरण में ट्रेनीज को 1 सप्ताह तक डेमोंस्ट्रेशन क्लास के ज़रिए बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी और उसके अगले सप्ताह अस्पतालों में असिस्टेंट के रूप में काम सिखाया जाएगा।
ट्रेनीज को दिल्ली के 9 बड़े अस्पतालों दीन दयाल उपाध्याय हॉस्पिटल, राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल, राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय, संजय गांधी हॉस्पिटल, अम्बेडकर मेडिकल कॉलेज, ईएसआई हॉस्पिटल वसई धारापुर, हिंदूराव अस्पताल व वर्धमान महावीर हॉस्पिटल में बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी।
इस अवसर पर मनीष सिसोदिया ने कहा कि हम दिल्ली में एक ऐसे मेडिकल यूथ फ़ोर्स को तैयार करना चाहते है जो किसी भी स्वास्थ्य आपदा से लड़ने के लिए तैयार रहें। इस ट्रेनिंग के बाद हमारे हेल्थ असिस्टेंट न केवल आपदा से लड़ने के लिए तैयार होंगे, बल्कि सामान्य दिनों में ज़रूरत पड़ने पर अपने परिवारजनों और आस-पास के लोगों को भी मेडिकल सहायता दे पाएंगे।
इस अवसर पर मनीष सिसोदिया ने कहा कि हम दिल्ली में एक ऐसे मेडिकल यूथ फ़ोर्स को तैयार करना चाहते है जो किसी भी स्वास्थ्य आपदा से लड़ने के लिए तैयार रहें। इस ट्रेनिंग के बाद हमारे हेल्थ असिस्टेंट न केवल आपदा से लड़ने के लिए तैयार होंगे, बल्कि सामान्य दिनों में ज़रूरत पड़ने पर अपने परिवारजनों और आस-पास के लोगों को भी मेडिकल सहायता दे पाएंगे।