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Delhi: भूजल स्तर बढ़ाने पर दिल्ली सरकार गंभीर, यमुना में आने वाले बाढ़ के पानी का भंडारण करने की तैयारी शुरू

Fri, 03 Jun 2022 05:38 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Fri, 03 Jun 2022 05:38 AM IST
सार

भूजल स्तर को बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार ने गंभीरता से काम कर रही है। दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बृहस्पतिवार को पल्ला में यमुना फ्लड प्लेन परियोजना का निरीक्षण किया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बाढ़ के पानी को जमीन के भीतर ले जाना है। इससे भूजल का स्तर बेहतर होगा। 

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Delhi government serious on raising groundwater level preparations begin to store flood water in Yamuna
यमुना नदी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली सरकार ने यमुना नदी की बाढ़ के पानी का भंडारण कर भूजल स्तर बढ़ाने का प्लान पर काम शुरू कर दिया है। उसकी पल्ला फ्लड प्लेन परियोजना के चलते भूजल स्तर में लगातार सुधार हो रहा है। देश के सूखाग्रस्त व पानी की किल्लत झेल रहे राज्यों के लिए पल्ला फ्लड प्लेन परियोजना एक बेहतरीन उदाहरण साबित होगी। इसके अलावा दिल्ली सरकार बाढ़ के पानी का सदुपयोग कर पीने के पानी की कमी भी दूर करेगी।

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दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बृहस्पतिवार को पल्ला में यमुना फ्लड प्लेन परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण कार्य के साथ परियोजना को पूरा करने के निर्देश दिए। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बाढ़ के पानी को जमीन के भीतर ले जाना है। इससे भूजल का स्तर बेहतर होगा। वहीं, दिल्ली के घरों में 24 घंटे साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। भारद्वाज ने बताया कि राजधानी से गुजरने वाली यमुना नदी में मानसून के दौरान लगभग हर साल बाढ़ आती है।
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बाढ़ का प्रकोप ज्यादा होने पर दिल्ली को नुकसान झेलना पड़ता है। इस कड़ी में दिल्ली सरकार ने तीन साल पहले मानसून के मौसम में पानी को इकट्ठा करने के लिए यमुना बाढ़ के मैदान में पर्यावरण के अनुकूल पल्ला प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसके तहत 26 एकड़ का एक तालाब बनाया गया, जहां बाढ़ के पानी का संचय होता है, जिसका उपयोग राजधानी में भूजल को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। भूजल स्तर में बढ़ोतरी की मात्रा का पता लगाने के लिए 33 पीजोमीटर भी लगाए गए हैं।
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भूजल स्तर में दिखा बेहतर परिणाम 
पल्ला फ्लड प्लेन परियोजना के कार्यान्वयन के तत्काल बेहतर परिणाम सामने आए थे। वर्ष 2020 और 2021 में क्रमश: 2.9 मिलियन क्यूबिक मीटर और 4.6 मिलियन क्यूबिक मीटर अंडरग्राउंड वाटर बड़े पैमाने पर रिचार्ज किया गया। वहीं इसके बाद भी यह देखा गया कि पल्ला परियोजना क्षेत्र में पिछले वर्ष का भूजल स्तर अनुमान से निकाले गए 3.6 मिलियन क्यूबिक मीटर भूजल से अधिक था। इस परियोजना से ना केवल पानी की मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को कम किया है, बल्कि गड्ढों (जलभृतों) में पानी की बढ़ोतरी भी हुई है। परियोजना क्षेत्र में पीजोमीटर में भूजल-स्तर में 0.5 मीटर से 2.5 मीटर की औसत वृद्धि देखी गई।


पानी की किल्लत वाले राज्यों के लिए बनेगी मिसाल 
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि दिल्ली सरकार दिल्ली में गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचा बनाने व समाज के हर तबके को बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रही है। इनका उद्देश्य जल संरक्षण, जल प्रदूषण नियंत्रण, अंडरग्राउंड वाटर को रिचार्ज करना, दुर्गंध में कमी, दिल्ली के घरों में साफ पानी की आपूर्ति, यमुना की सफाई, प्राकृतिक कार्बन सिंक में वृद्धि कर इकोलॉजिकल सिस्टम को बनाए रखना है। पल्ला फ्लड प्लेन परियोजना सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि पूरे देश के सूखाग्रस्त और पानी की किल्लत झेल रहे राज्यों के लिए एक बेहतरीन उदाहरण साबित होगी।

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