दिल्ली: कानपुर के कारोबारी की मौत के आरोपी पुलिसकर्मियों की न्यायिक हिरासत अवधि बढ़ी
इस मामले में सीबीआई आरोपपत्र दायर कर चुकी है। आरोप पत्र पूर्व एसएचओ या इंस्पेक्टर, तीन पूर्व सब-इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल सहित छह लोगों के खिलाफ धारा 302, 323, 325, 506, 218, 201, 34, 120-बी और 149 के तहत दायर किया गया था।
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अदालत ने गोरखपुर में कानपुर के एक कारोबारी की पीट-पीट कर हत्या के मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों की न्यायिक हिरासत अवधि एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी है। राउज एवेन्यू कोर्ट स्थित मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अंबिका सिंह के समक्ष आरोपियों को पेश किया गया। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च तय की है।
इस मामले में सीबीआई आरोपपत्र दायर कर चुकी है।आरोप पत्र पूर्व एसएचओ या इंस्पेक्टर, तीन पूर्व सब-इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल सहित छह लोगों के खिलाफ धारा 302, 323, 325, 506, 218, 201, 34, 120-बी और 149 के तहत दायर किया गया था।
आरोप लगाया गया है कि 27 सितंबर को रामगढ़ ताल निरीक्षक जे. सिंह, फलमंडी पुलिस चौकी के प्रभारी उप निरीक्षक अक्षय मिश्रा और विजय यादव और तीन अन्य पुलिसकर्मी कथित रूप से होटल के कमरे में घुस गए थे, जहां व्यवसायी अपने दोस्तों के साथ रुका हुआ था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें विवाद के चलते पीटा, जिसके दौरान गुप्ता की मौत हो गई। सीबीआई ने यूपी सरकार के अनुरोध पर दो नवंबर, 2021 को मामला दर्ज किया और 29 नवंबर, 2021 को जांच अपने हाथ में ले ली थी।
तिहाड़ जेल में हैं सभी आरोपी
अदालत ने हालही में आरोपी पुलिसकर्मियों थाना प्रभारी जगत नारायण सिंह, दारोगा अक्षय मिश्रा समेत सभी छह आरोपियों को तिहाड़ शिफ्ट करने का निर्देश दिया था। 26 फरवरी को आरोपी राउज एवेन्यू कोर्ट में वर्चुअल तौर पर पेश हुए थे। इस दौरान मृतक मनीष गुप्ता के परिजनों के अलावा सीबीआई टीम भी ऑनलाइन शामिल हुई थी।