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दिल्ली : दिमाग की नसों पर हमला कर रहा है डेंगू, डॉक्टर की मौत
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नई दिल्ली। राजधानी के अस्पतालों में डेंगू के नए मामलों में कमी आ रही है, लेकिन गंभीर केस काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। अस्पतालों में ऐसे भी मरीज हैं जिन्हें डेंगू होने के बाद दिमाग की नसों तक उसका असर हुआ, जिसके चलते मरीजों को वेंटिलेटर पर रखना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में एक डॉक्टर की मौत हो चुकी है।
नई दिल्ली स्थित लोकनायक अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि डेंगू के कारण एक मरीज की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। उसके मस्तिष्क में मौजूद नसों पर काफी असर पहुंचा है और रक्त का थक्का भी जम गया है। इन्हीं कारणों के चलते मरीज की हालत में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।
उधर, केंद्र सरकार के नई दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक डॉक्टर की डेंगू से मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, डॉ. ईशान भगत सर्जरी विभाग में रेजीडेंट डॉक्टर थे। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के लोकनायक अस्पताल में उन्हें भर्ती करना पड़ा था, लेकिन संक्रमण शरीर में फैलता चला गया और उन्हें शॉक सिंड्रोम हो गया। साथ ही कई अंगों को प्रभावित करने की वजह से मल्टी ऑर्गन फेलियर होने पर डॉक्टर की जान नहीं बचा सके। राजधानी में अब तक डेंगू के कारण नौ लोगों की मौत हो चुकी है। डॉ. ईशान की मौत को लेकर नगर निगम ने कोई जानकारी नहीं दी है।
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अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) के अध्यक्ष डॉ. सुनील दुचानिया ने बताया कि ईशान हमेशा मरीजों के प्रति बेहद शालीन व्यवहार रखते थे। उन्होंने कोरोना काल में भी रात-दिन मरीजों की सेवा की।
नई दिल्ली के आईएलबीएस अस्पताल के अनुसार, उनके यहां अब तक 10 से अधिक मरीज अब तक सामने आ चुके हैं जिन्हें डेंगू होने के बाद लिवर और किडनी दोनों पर असर हुआ है। इनकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। हालांकि, अस्पताल ने यह भी कहा है कि उनके यहां डेंगू के नए केस कम आ रहे हैं।
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नई दिल्ली स्थित लोकनायक अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि डेंगू के कारण एक मरीज की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। उसके मस्तिष्क में मौजूद नसों पर काफी असर पहुंचा है और रक्त का थक्का भी जम गया है। इन्हीं कारणों के चलते मरीज की हालत में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।
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उधर, केंद्र सरकार के नई दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक डॉक्टर की डेंगू से मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, डॉ. ईशान भगत सर्जरी विभाग में रेजीडेंट डॉक्टर थे। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के लोकनायक अस्पताल में उन्हें भर्ती करना पड़ा था, लेकिन संक्रमण शरीर में फैलता चला गया और उन्हें शॉक सिंड्रोम हो गया। साथ ही कई अंगों को प्रभावित करने की वजह से मल्टी ऑर्गन फेलियर होने पर डॉक्टर की जान नहीं बचा सके। राजधानी में अब तक डेंगू के कारण नौ लोगों की मौत हो चुकी है। डॉ. ईशान की मौत को लेकर नगर निगम ने कोई जानकारी नहीं दी है।
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अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) के अध्यक्ष डॉ. सुनील दुचानिया ने बताया कि ईशान हमेशा मरीजों के प्रति बेहद शालीन व्यवहार रखते थे। उन्होंने कोरोना काल में भी रात-दिन मरीजों की सेवा की।
नई दिल्ली के आईएलबीएस अस्पताल के अनुसार, उनके यहां अब तक 10 से अधिक मरीज अब तक सामने आ चुके हैं जिन्हें डेंगू होने के बाद लिवर और किडनी दोनों पर असर हुआ है। इनकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। हालांकि, अस्पताल ने यह भी कहा है कि उनके यहां डेंगू के नए केस कम आ रहे हैं।