दिल्ली में 9वीं व 11वीं के लिए खुले स्कूल, कम रही उपस्थिति
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दिल्ली में करीब 10 माह बाद शुक्रवार से 9वीं और 11वीं के लिए स्कूल खोल दिए गए हैं। स्कूल के पहले दिन छात्र अभिभावकों के साथ कोरोना नियमों का पालन करते हुए पहुंचे। शिक्षा व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी गांधी नगर के एक स्कूल में छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए पहुंचे। वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर उम्मीद जताई कि बच्चों की खुशियां वापस लौट रही हैं। हालांकि, अधिकतर स्कूलों में पहले दिन छात्रों की उपस्थिति भी कम रही।
10वीं व 12वीं के बाद अन्य कक्षाओं के लिए स्कूल खुलने पर छात्रों के चेहरे पर एक ओर जहां खुशी दिख रही थी। वहीं, कुछ छात्रों के साथ अभिभावकों के चेहरे पर भी कोरोना को लेकर भय देखने को मिला। लंबे समय बाद मिलने पर छात्रों ने एक दूसरे को गले मिलकर अभिवादन किया।
वहीं, अध्यापकों के पैर छूकर बेहतर भविष्य के लिए आशीर्वाद लिया। वेस्ट विनोद नगर स्थित उच्चतम कन्या विद्यालय में पहुंची छात्रा मेघा भाटिया ने कहा कि लंबे समय बाद स्कूल खुलने का निर्णय सराहनीय है। क्योंकि, प्रैक्टिकल कार्य के लिए लंबे समय से लैब की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
वहीं, आगामी दिनों में भी परीक्षाएं सिर पर हैं। ऐसे में अब बेहतर मार्गदर्शन के साथ अच्छी तैयारी भी हो सकेगी। वहीं, एक अन्य छात्रा तनु ने कहा कि स्कूल खुलने का लंबे समय से इंतजार था। क्योंकि, अब चीजें पहले के मुकाबले बेहतर हो रही हैं। हालांकि, कोरोना नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है।
कोरोना के जीरो मामले होने का इंतजार नहीं कर सकते: मनीष सिसोदिया
स्कूल खुलने पर छात्रों के स्वागत के लिए मनीष सिसोदिया भी गांधी नगर स्थित कन्या विद्यालय पहुंचे। यहां पहुंच उन्होंने छात्राओं से बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि यदि छात्र कोरोना नियमों का पालन करे तो स्कूल का जीवन भी सामान्य हो जाएगा। इस दौरान उन्होंने स्कूल में सफाई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया।
सिसोदिया ने कहा कि सरकार कोरोना के जीरो मामले होने का इंतजार नहीं कर सकती है। क्योंकि, इससे छात्रों की पढ़ाई का अधिक नुकसान होगा। इसको देखते हुए सरकार को स्कूल खोलने का निर्णय लेना पड़ा है। उन्होंने कहा कि माहमारी के दौरान स्कूल खोलना काफी चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन सरकार ने इसे स्वीकार किया है।
10वीं व 12वीं के बाद अब 9वीं और 11वीं के छात्र भी स्कूल आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल खोलना संकेत करता है कि अब जिंदगी फिर पटरी पर लौट रही है। वहीं, स्कूल खोलना हमारी जिम्मेदारी है। इस दौरान छात्रों ने सिसोदिया से आगामी परीक्षाओं को ऑफलाइन कराने की अपील की जिससे बेहतर तैयारी हो सके।
हमारे बच्चे स्कूलों को बहुत याद कर रहे हैं। कोरोना से बचाव के साथ हमें बच्चों को स्कूल के माहौल में वापस लाना है। धीरे-धीरे ही सही बच्चों की स्कूली जिंदगी की खुशियां व रौनक अब वापस लौट रही हैं।
-अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री