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Delhi: कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ की जमानत याचिका खारिज, थाना प्रभारी को नोटिस, 10 फरवरी को सुनवाई
Sun, 29 Jan 2023 11:24 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Sun, 29 Jan 2023 11:24 PM IST
सार
प्राथमिकी के अनुसार खान ने शिकायतकर्ता कांस्टेबल धर्मपाल को घटना स्थल पर जाने से रोका और धमकी भी दी। आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने सहित जनता को उकसाने की कोशिश की। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि आईओ की तरफ से मामले की गलत रिपोर्ट पेश की गई।
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कोर्ट का फैसला
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस कर्मियों से दुर्व्यवहार के आरोपी कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद खान की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने जांच अधिकारी और थाना प्रभारी शाहीन बाग को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि खान की पिछली संलिप्तता रिपोर्ट के संबंध में अदालत को गलत जानकारी देने के लिए दोनों अधिकारियों को दंडित क्यों नहीं किया जाना चाहिए। इस मामले में आगे की कार्यवाही के लिए 10 फरवरी को सुनवाई होगी।
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खान को 5 जनवरी को दक्षिण-पूर्व दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में पुलिस के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने कहा कि अगर कानून लागू करने वालों पर हमला या उनसे दुर्व्यवहार किया जाता है तो आरोपियों को जमानत पर रिहा करने से समाज में गलत संदेश जाएगा। मेरे विचार से इन परिस्थितियों में आरोपी आसिफ मोहम्मद खान की जमानत अर्जी मंजूर करने लायक नहीं है और इसलिए इसे खारिज किया जाता है। न्यायाधीश ने कहा कि घटना के संबंध में वीडियो में खान के आचरण से प्रथम दृष्टया पता चलता है कि उनके मन में कानून का सम्मान नहीं है और वह खुद को कानून से ऊपर मानते हैं।
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प्राथमिकी के अनुसार खान ने शिकायतकर्ता कांस्टेबल धर्मपाल को घटना स्थल पर जाने से रोका और धमकी भी दी। आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करने सहित जनता को उकसाने की कोशिश की। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि आईओ की तरफ से मामले की गलत रिपोर्ट पेश की गई। अदालत ने कहा कि शाहीन बाग पुलिस थाने के जांच अधिकारी और एसएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी करें।
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