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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi Air Pollution Level (AQI) Latest News Update in Hindi: Delhi NCR Noida Ghaziabad Gurugram Faridabad is Most Polluted City

Delhi Pollution (AQI): दिल्ली और फरीदाबाद में प्रदूषण से हालात गंभीर, एक्यूआई 386 दर्ज किया गया

Sat, 27 Nov 2021 07:18 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 27 Nov 2021 07:18 AM IST
सार

शुक्रवार को दिल्ली की सतह पर चलने वाली हवाओं की दिशा पूर्वी थी। मानक10 किमी प्रति घंटा की इसकी चाल चार से छह रही। वहीं, मिक्सिंग हाइट करीब 1100 मीटर रिकार्ड की गई। मानक 6000 वर्ग मीटर/सेकेंड की जगह वेंटिलेशन इंडेक्स भी 500 पर आ गया था। 

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Delhi Air Pollution Level (AQI) Latest News Update in Hindi: Delhi NCR Noida Ghaziabad Gurugram Faridabad is Most Polluted City
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली-एनसीआर की मंद पड़ी हवाएं एक बार फिर जहरीली हो गई हैं। 24 घंटे में दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 को पार कर गया। फरीदाबाद की हवा भी इसी श्रेणी में रही। वहीं, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद व गुरूग्राम का प्रदूषण बेहद खराब स्तर के उच्चतम श्रेणी में था। प्रदूषण पर काम करने वाली एजेसियों का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों में हवा की चाल में मामूली इजाफा होने से प्रदूषण छंटेगा, लेकिन यह बेहद खराब ही बनी रहेंगी। सफर के अनुसार आज सवेरे दिल्ली का एक्यूआई 386 दर्ज किया गया है। 

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भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली की सतह पर चलने वाली हवाओं की दिशा पूर्वी थी। मानक10 किमी प्रति घंटा की इसकी चाल चार से छह रही। वहीं, मिक्सिंग हाइट करीब 1100 मीटर रिकार्ड की गई। मानक 6000 वर्ग मीटर/सेकेंड की जगह वेंटिलेशन इंडेक्स भी 500 पर आ गया था। 


इसके मिले-जुले असर पर प्रदूषक न तो ऊंचाई में दूर तक फैल सके और न ही सतह के साथ दूर-दूर तक। नतीजा हवाओं के जहरीली हो जाने के तौर पर रहा। बृहस्पतिवार के 400 की तुलना में शुक्रवार को गुणवत्ता सूचकांक 406 पर पहुंच गया।उधर, सफर का आकलन है कि शुक्रवार को पराली जलने के मामले कम होने और हवा की दिशा पूर्वी होने से इसके धुंए का हिस्सा प्रदूषण को गंभीर करने में मामूली ही रहा। 

इस दौरान पराली जलाने के 274 मामलों से दिल्ली के प्रदूषण में इसकी हिस्सेदारी 8 फीसदी ही दर्ज की गई। शुक्रवार को दिल्ली की हवा को खराब करने में इसकी चाल, मिक्सिंग हाइट और वेटिलेशन इंडेक्स की भूमिका अहम रही। इससे दिल्ली का प्रदूषण गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया।

हवा होगी तेजी, छंट सकता है प्रदूषण
आईआईटीएम का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिनों में हवा की चाल 6 किमी से ज्यादा होगी। 29 व 30 नवंबर को भी हवाएं तेज रहेंगी। वहीं, हवा की दिशा भी दक्षिण पूर्वी होगी। इस दौरान मिक्सिंग हाइट व वेंटिलेशन इंडेक्स में भी सुधार आएगा। इनके मिले-जुले असर से प्रदूषण के स्तर में गिरावट आ सकती है। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण का स्तर 350 से ऊपर ही रहने का अंदेशा आईआईटीएम व सफर ने जाहिर किया है।

दिल्ली, फरीदाबाद गंभीर, अन्य गंभीर के करीब
शुक्रवार को दिल्ली व फरीदाबाद की हवा गंभीर स्तर में चली गई। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 406 व फरीदाबाद का 423 रहा। दूसरी तरफ अन्य शहरों की हवा की गुणवत्ता गंभीर के करीब रही। गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरूग्राम व नोएडा का सूचकांक 378, 386, 379 व 394 रहा। आने वाले दिनों में गुणवत्ता बेहतर होने का पूर्वानुमान सफर ने जाहिर किया है।

‘लोकल’ ही वोकल’, गंभीर हुई दिल्ली की हवा

राजधानी की हवा को खराब करने में ‘लोकल’ ही ‘वोकल’ है। यानी, दिल्ली का अपना प्रदूषण हवा को ज्यादा गंभीर कर रहा है। पराली जलने के पीक मामले दर्ज होने के दौरान भी 50 फीसदी से ज्यादा प्रदूषण स्थानीय स्रोतों से हुआ है। इसका खुलासा केंद्रीय एजेंसी सफर की एक रिपोर्ट से हुआ है।

इसमें दिवाली से पहले और इसके बाद के पांच-पांच दिनों में हवा को प्रभावी तौर पर प्रदूषित करने वाले पीएम2.5 की मात्रा का विश्लेषण किया गया है।
सफर की रिपोर्ट पराली के धुएं, बाहरी व स्थानीय स्रोतों की मात्रा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। वहीं, स्थानीय स्रोतों के लिए जिम्मेदार कारक भी इसमें दर्ज हैं। रिपोर्ट बताती है कि दिवाली से पहले दिल्ली के प्रदूषण में स्थानीय स्रोतों को हिस्सा 69 फीसदी था।

इसमें सबसे बड़ी भूमिका वाहन से होने वाले प्रदूषण की थी। दूसरा नंबर उद्योगों का रहा। दिवाली के बाद पराली जलाने के मामले ज्यादा दर्ज किए गए। इस दौरान पटाखे भी जलाए गए थे। बावजूद, इसके हवा को खराब करने वाले 52 फीसदी प्रदूषक दिल्ली के अपने थे। पराली के धुएं का हिस्सा 30 फीसदी के करीब रहा।

वायु मानक संस्था सफर इंडिया के परियोजना निदेशक डॉ. गुफरान बेग के मुताबिक, इस आकलन से पता चला है कि इस साल प्री व पोस्ट दिवाली सीजन में दिल्ली की हवा सबसे ज्यादा स्थानीय स्तर पर खराब हुई। पराली जलने के मामले कम होने के बावजूद भी दिल्ली की हवा खराब थी। बाहरी प्रदूषकों ने इतना भर किया कि सूचकांक को बेहद खराब से गंभीर स्तर में पहुंचाया है। 

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