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अपहरण और फिरौती : अमीर बनने के लिए नौकर ने किया मालिक के बेटे को अगवा, मांगे 1.10 करोड़
Thu, 21 Oct 2021 06:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 21 Oct 2021 06:16 AM IST
सार
दिल्ली के गांधी नगर की वारदात, पुलिस ने महज तीन घंटे में मासूम को बरामद कर आरोपी को गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन के पास से किया गिरफ्तार।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शाहदरा जिले के गांधी नगर में एक नौकर ने मुंबई में फ्लैट खरीदकर मुंबईकर बनने के लिए पानी कारोबारी के सात वर्षीय बेटे को अगवा कर लिया। आरोपी ने मासूम को सकुशल छोड़ने के बदले 1.10 करोड़ की फिरौती मांगी। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम हरकत में आई और महज तीन घंटे के भीतर आरोपी को गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन के पास से सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी नौकर को गिरफ्तार कर लिया।
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इसकी पहचान गांव गोपिया, हजूरपुर, बहराइच, यूपी निवासी मोनू (21) के रूप हुई है। पांच-छह दिन पहले ही कारोबारी ने मोनू को काम पर दोबारा रखा था। इससे पहले एक माह पहले ही आरोपी ने 8-9 दिन कारोबारी के यहां काम कर मासूम से नजदीकियां बढ़ा ली थीं। दोबारा मासूम के कहने पर ही उसे काम पर रखा गया था। शाहदरा जिला पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
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पूर्वी रेंज के संयुक्त आयुक्त सागरप्रीत हुड्डा ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 5.39 बजे गांधी नगर थाने में बच्चे के अगवा होने की सूचना आई थी। ज्योति कश्यप नामक महिला ने बताया कि वह परिवार के साथ सुभाष मोहल्ले में रहती है। इसके परिवार में पति रोहित कश्यप, दो बच्चे व अन्य सदस्य हैं। परिवार का पानी का बड़ा कारोबार है। ज्योति ने बताया कि 4.00 बजे उनका नौकर मोनू छोटे बेटे समीर (7)(बदला हुआ नाम) को घुमाने पार्क में ले गया था। वहां काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटा तो उन्होंने मोनू के मोबाइल पर कॉल किया तो उसका नंबर बंद आया।
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कुछ ही देर बाद मोनू ने ज्योति को कॉल कर बताया कि समीर उसके पास है। उसकी सकुशल रिहाई चाहते हो तो 1.10 करोड़ का इंतजाम कर लो। फिरौती के लिए बच्चे के अपहरण की सूचना मिलते ही फौरन 10 टीमों का गठन कर दिया गया। आरोपी के मोबाइल की आखिरी लोकेशन चेक की गई तो उसका नंबर गांधी नगर में ही बंद हो गया था। आरोपी ने एक अन्य नौकर का मोबाइल चोरी कर उसके नंबर से फिरौती की कॉल की थी।
पुलिस ने फौरन टेक्नीकल और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से आरोपी की पहचान के प्रयास किए। इस बीच लगातार आरोपी परिवार को कॉल कर फिरौती मांगता रहा। पुलिस के कहने पर समीर की मां से आरोपी से फिरौती की रकम कम करने के लिए कहा गया।
ज्योति ने बस 10 लाख रुपये होने की बात की, लेकिन आरोपी नहीं माना और अपनी मांग पर अड़ा रहा। आरोपी ने ज्योति से कहा कि वह एक घंटे बाद उसकी कॉल का इंतजार करेगा इतने रुपयों का इंतजाम कर लें। अभी मोनू कॉल का इंतजार कर ही रहा था कि पुलिस ने आरोपी को तीन घंटे के भीतर गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन के बाहर से दबोच लिया। उसके पास से मासूम सकुशल बरामद हो गया। मासूम को तो यह भी पता नहीं था कि आरोपी ने उसे अगवा किया हुआ है। आरोपी लगातार कभी उसे कोल्डड्रिंक तो भी महंगी चीज दिला रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसे मुंबई में एक फ्लैट खरीदना था। वह देखता था कि मालिक रोहित के यहां रोजाना पानी की लाखों रुपये पेमेंट आती है, इसलिए उसने बच्चे को अगवा कर फिरौती की योजना बनाई।