रोहिणी कोर्ट शूटआउट : दूसरे गैंग से शूटर लेकर कराई गोगी की हत्या, जेल की 'दोस्ती' आई काम
कहा जा रहा है कि सुनील राठी से शूटर लेकर की गोगी की हत्या कराई गई। राहुल फफोंदा सुनील राठी गिरोह का बदमाश है।
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विस्तार
टिल्लू ताजपुरिया ने यूपी के गैंगस्टर सुनील राठी के शूटर राहुल फफोंदा और नवीन बाली के शूटर जयदीप उर्फ जग्गा को गोगी की हत्या के लिए तैयार किया था। राहुल का निशाना कभी चूकता नहीं था। लॉकडाउन खत्म होने के बाद ही जितेंद्र गोगी की हत्या की साजिश रची जाने लगी थी।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टिल्लू ताजपुरिया, सुनील राठी और नवीन बाली ने आपस में हाथ मिला लिया है। जेल में रहने के दौरान ही ये दोस्त बन गए और इन्होंने कोरोना काल में जितेन्द्र गोगी की हत्या की साजिश रचना शुरू कर दिया था। कोर्ट में जब से कैदियों की पेशी होनी शुरू हुई तब से गोगी की हत्या की साजिश तेज हो गई थी। टिल्लू ताजपुरिया के कहने पर सुनील राठी ने अपना सबसे बढ़िया शूटर राहुल टिल्लू को दे दिया था।
गोगी की हत्या के लिए रोहिणी कोर्ट में कई दिनों से रैकी गई थी। साजिश ये थी कि ये कोर्ट रूम में जितेन्द्र गोगी की हत्या कर अन्य कोर्ट में होकर फरार हो जाएंगे। हमलावरों ने इस बात की पूरी रैकी कर ली थी कि किस-किस कोर्ट से रास्ता जाता है और कैसे फरार होना है। उन्हें ये पता नहीं था कि जितेन्द्र गोगी के साथ पुलिसकर्मी भी कोर्ट रूम में आ जाएंगे। ये भी कहा जा रहा है कि तीनों गैंगस्टर को जितेन्द्र की हत्या करनी ही थी। चाहे वो कोर्ट में करनी पड़े, या बाहर।
कौन है टिल्लू ताजपुरिया
दिल्ली का सुनील उर्फ टिल्लु ताजपुरिया-मंडोली जेल में बंद है। वह जितेंद्र का जानी दुश्मन था। रोहिणी कोर्ट शूटआउट को अंजाम दिलवाने में सबसे मुख्य रोल इसी का माना जा रहा है। दोनों कभी दोस्त थे और अब एक दूसरे के खून के प्यासे थे। उसने जितेंद्र की हत्या करवाने के लिए सुनील राठी का शूटर राहुल मांगा था।
सुनील राठी
बागपत का कुख्यात गैंगस्टर है। बागपत जेल में इसने ही मुख़्तार अंसारी के करीबी मुन्ना बजरंगी को मौत के घाट उतारा था। सुनील राठी मंडोली जेल में बंद टिल्लू ताजपुरिया का दोस्त बन चुका है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अपराध जगत में सुनील राठी का बड़ा नाम है। बताया जाता है कि अपने पिता की हत्या कर उसने जुर्म की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद एक-एक करके चार लोगों को मौत की नींद सुला दिया। उसकी मां पिछले विधानसभा चुनाव में बीएसपी के टिकट पर छपरौली विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुकी हैं।
नवीन बाली
नवीन बाली दिल्ली का बदमाश है और अब टिल्लू के गैंग के साथ आ चुका है। बताया जा रहा है दूसरे शूटर को इसने तैयार किया था।
मेडिकल बोर्ड नहीं बनने से गोगी के शव का नहीं हुआ पोस्टमार्टम
रोहिणी कोर्ट रूम में हमलावरों की गोली से मारे गए गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी और पुलिस की गोलियों से ढेर हुए दो बदमाश जयदीप और राहुल के शवों का शनिवार को पोस्टमार्टम नहीं हो सका। शनिवार को मेडिकल बोर्ड का गठन नहीं होने की वजह से इनका पोस्टमार्टम नहीं किया जा सका। संभावना है कि रविवार को बोर्ड के गठन के बाद तीनों का पोस्टमार्टम किया जाएगा।
सुरक्षा और कानून व्यवस्था को देखते हुए जितेंद्र गोगी का शव अंबेडकर अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। वहीं उसकी हत्या करने वाले राहुल और जयदीप के शवों को जहांगीरपुरी स्थित बाबू जगजीवन राम अस्पताल में रखा गया है। शनिवार सुबह ही जितेंद्र गोगी के परिवार वाले अंबेडकर अस्पताल पहुंच गए थे। शाम तक पोस्टमार्टम नहीं होने पर सभी वापस चले गए। वापस जाने के दौरान सभी काफी गुस्से में थे।
तीनों शवों के पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किए जाएंगे। शनिवार और रविवार को 12 बजे तक ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया होती है। ऐेसे में बोर्ड गठित करने की प्रक्रिया पूरी नहीं होने की वजह से शनिवार को पोस्टमार्टम नहीं किया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की निगरानी में किया जाएगा और इसकी वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी। सुबह से ही दोनों अस्पतालों की सुरक्षा में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल को तैनात किया गया था। शाम में दोनों अस्पतालों में सुरक्षा और बढ़ा दी गई। दोनों थानों के प्रभारियों ने अस्पतालों की सुरक्षा का जायजा लिया। इसके अलावा अस्पताल के आस-पास स्पेशल स्टाफ और स्पेशल सेल के जवान सादी वर्दी में तैनात दिखे।
पोस्टमार्टम नहीं होने से परेशान हुए परिजन
जितेंद्र गोगी के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए उसके बड़े भाई रविंद्र के साथ करीब आधा दर्जन लोग शनिवार सुबह ही अंबेडकर अस्पताल पहुंच गए। परिवार वालों का कहना है कि उन्हें कहा गया था कि शनिवार को ही पोस्टमार्टम कर दिया जाएगा। लेकिन शाम को कहा गया कि बोर्ड का गठन नहीं होने की वजह से पोस्टमार्टम नहीं किया जाएगा।
वहीं राहुल और जयदीप के परिवार वाले भी बाबू जगजीवन राम अस्पताल पहुंच थे लेकिन पोस्टमार्टम नहीं होने की जानकारी मिलने के बाद वह वापस चले गए।
अंतिम संस्कार के लिए गांव में मौजूद थे पुलिसकर्मी
शनिवार को जितेंद्र गोगी के शव का पोस्टमार्टम करवाए जाने की जानकारी के बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वहां काफी संख्या में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल को तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि शनिवार को गोगी के शव का पोस्टमार्टम हो सकता है। इसलिए उसके गांव में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया था। इसके साथ पोस्टमार्टम करवाने आए उसके परिवार वालों को इस बात के लिए राजी कर लिया गया था कि गोगी के अंतिम संस्कार में कम लोग ही रहेंगे।