दिल्ली: पत्नी और दो मासूमों की हत्या करने के बाद युवक ने की खुदकुशी, घरेलू कलह के कारण दिया वारदात को अंजाम
जिले के सिरसपुर गांव में एक ही परिवार के चार शव बरामद हुए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
समयपुर बादली के सिरसपुर इलाके में मंगलवार सुबह एक घर में पति-पत्नी और उनके दो मासूमों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। महिला और दो मासूम बिस्तर और सोफे पर अचेत पड़े थे जबकि युवक पंखे से फंदे पर लटका था। उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
शुरुआती जांच में पता चला कि दंपति के बीच कई कारणों को लेकर अनबन चल रहा था। तीन माह बाद कुछ दिन पहले महिला अपने घर वापस आई थी। आशंका है कि युवक ने तीनों को जहर देकर मारने के बाद खुदकुशी कर ली है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
जिला पुलिस उपायुक्त बिजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि मृतक की शिनाख्त अमित (30) उसकी पत्नी निक्की (25), दो बच्चे कार्तिक (ढाई साल) और वंशिका (6) के रूप में हुई है। मूलत: यूपी के बुलंदशहर के बडौली गांव निवासी अमित अपने परिवार के साथ बाग वाली गली, सिरसपुर में किराए पर रहता था। निक्की मूलत: खरखौदा, मेरठ की रहने वाली थी। अमित अपने बड़े भाई सतीश के परिवार के साथ रहता था। वह बादली इलाके में माली की नौकरी करता था।
पुलिस को सुबह करीब पौने आठ बजे सतीश ने घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने क्राइम टीम और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुला लिया और छानबीन शुरू कर दी। तफ्तीश के दौरान पुलिस ने पाया कि अमित पंखे से लटका था जबकि निक्की और वंशिका सोफे पर और कार्तिक बिस्तर पर अचेत पड़ा था। दोनों बच्चों के होठ नीले पड़े हुए थे और नाक और मुंह के झाग निकल रहा था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में पत्नी और बच्चों को जहर देने की बात सामने आई है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का खुलासा होगा। शवों को पोस्टमार्टम के लिए बाबू जगजीवन राम अस्पताल भेज दिया गया है। जांच में परिवार वालों ने दंपति के बीच कई कारणों से कलह होने की बात बताई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
भाई के बेटे ने देखा मौत का मंजर
सुबह करीब साढ़े सात बजे तक जब अमित के कमरे के दरवाजा नहीं खुला तो उसके बड़े भाई सतीश ने उसके दरवाजा को खटखटाया। अंदर से कोई जवाब नहीं आने पर सतीश को अनहोनी का शक हुआ और उसने अपने बेटे सौरव को आवाज लगाई। सौरव वहां पहुंचकर दरवाजे के पास स्थित खिड़की में हाथ डालकर दरवाजे की कुंडी खोली। कमरे का मंजर देखकर उसकी चीख निकल गई। उसकी चीख पुकार सुनकर परिवार के लोग कमरे में पहुंचे और रोने चिल्लाने लगे। यह सुनकर आस पास के लोग वहां पहुंच गए और घटना की जानकारी पुलिस को दी गई।
किसी ने कोई आवाज नहीं सुनी
अमित के भाई सतीश ने बताया कि रात में अमित के कमरे से किसी के चिल्लाने या झगड़ा करने की कोई आवाज नहीं सुनी थी। उसने बताया कि रात में अमित के हाव भाव से ऐसा नहीं लगा कि वह कोई बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अमित अपने परिवार के साथ रात 11 बजे सोने के लिए चला गया था। उसने आशंका जताई है कि अमित अपने साथ कुछ खाने का सामान लाया होगा, जिसमें जहरीला पदार्थ डालकर सभी को खिला दिया होगा।
बच्चों को जहर देने की बात पर नहीं कर रहे यकीन
स्थानीय लोगों और परिवार वालों को इस बात पर यकीन नहीं हो रहा है कि अमित ने अपने बच्चों को जहरीला पदार्थ देकर उनकी जान ले ली है। लोगों ने बताया कि अमित काफी शरीफ था। वह जरूरत पडने पर पड़ोसियों की भी मदद करता था। वह अपने बच्चों से काफी प्यार करता था। ड्यूटी से आने के बाद वह अपने बच्चों के साथ खेलता था। बच्चों की तबीयत खराब होने पर वह काफी घबरा जाता था।
उसके भाई के मुताबिक वह बच्चों को पढ़ा लिखाकर अच्छा इंसान बनाना चाहता था। लोगों का कहना है कि किन परिस्थितियों में उसने अपने बच्चों को जहर दिया, यह सोचकर भी हैरानी हो रही है।
जेठ ने समझा बुझाकर बच्चों के खातिर महिला को बुलाया था
अमित के बड़े भाई ने बताया कि दंपति के बीच कई कारणों को लेकर कलह चल रहा था। तीन माह पहले निक्की बच्चों और पति को छोड़कर चली गई थी। अमित के बच्चे का देखभाल वह कर रहे थे। लेकिन हालात बिगड़ते देख कर उसने निक्की को फोन कर काफी समझाया। उसने बताया कि घरों में छोटी छोटी बातों पर झगड़ा होता है। वह अपने बच्चों के खातिर अपने घर आ जाए। निक्की कुछ दिन पहले घर आ गई थी। सतीश ने बताया कि रात में किस बात को लेकर अमित ने यह कदम उठाया। यह कह पाना काफी मुश्किल है।