{"_id":"5c9abe18bdec22145a0ea8e3","slug":"31553645080-delhi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडोली जेल से ही दिया था दो लोगों की हत्या करने का आदेश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मंडोली जेल से ही दिया था दो लोगों की हत्या करने का आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजियाबाद, बहराइच व बुलंदशहर के लिए उपयोगी
मंडोली जेल से दिया था दो लोगों की हत्या का निर्देश
स्पेशल सेल ने जेल में बंद सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर बचाई जान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की मंडोली जेल में लखनऊ, यूपी के बदमाशों के मौज-मस्ती करने का वीडियो वायरल होने का मामला ठंडा भी नहीं हुआ है कि यह जेल एक बार फिर चर्चा में है। इसमें बंद एक गिरोह का सरगना उगाही करने और हत्या कराने का रैकेट चला रहा था। स्पेशल सेल ने इस सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर दो लोगों की जान बचा ली।
स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुशवाह के अनुसार, एसीपी ललित मोहन नेगी व हदयभूषण की टीम को सूचना मिली कि बदमाश चंद्रभान उर्फ अमन यादव उर्फ चौवा मंडोली जेल से अपने गिरोह को चला रहा है। वह हथियार एकत्र करा रहा था। उसने अपने दो साथियों को दो लोगों की हत्या करने व यूपी की खोड़ा कॉलोनी में उगाही रैकेट चलाने का निर्देश दिया था। एसीपी ललित मोहन नगी, हदयभूषण की देखरेख में इंस्पेक्टर सुनील रंजन, रविंद्र जोशी व विनोद बडोला की टीम ने बाल भारती स्कूल, खोड़ा कॉलोनी के पास से दो बदमाशों त्रिलोकपुरी दिल्ली निवासी बालकिशन, यूपी के गाजियाबाद में करण विहार निवासी मोहम्मद अतीक को गिरफ्तार कर लिया। इनसे चार कारतूस के साथ .32 बोर का तमंचा, तीन कारतूस के साथ अन्य तमंचा और चोरी की स्पोर्ट्स बाइक बरामद की गई। इनके खुलासे के बाद स्पेशल सेल ने मंडोली की जेल नंबर-11 की तलाशी ली। चंद्रभान के कब्जे से एक डायरी बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
उगाही केस के वादी का कराना चाहता था कत्ल
चंद्रभान ने एक व्यक्ति से उगाही की कोशिश की थी। उसने मामला दर्ज करा दिया और चंद्रभान गिरफ्तार हो गया। चंद्रभान ने जेल से ही दो अन्य आरोपियों के साथ उसकी हत्या की साजिश रची। चंद्रभान का उद्देश्य था कि एक तो केस का गवाह खत्म हो जाएगा और दूसरा इलाके में उसकी धाक जम जाएगी। दूसरे व्यक्ति की हत्या भी वह खोड़ा कॉलोनी में अपनी धाक जमाने के लिए कराना चाहता था। उसके निशाने पर आया दूसरा व्यक्ति पहले उसका साथी था। बाद में इलाके में अपनी सत्ता चलाने पर मतभेद के बाद दोनों अलग हो गए थे।
विज्ञापन
12वीं करने के बाद ही बुरी संगत में पड़ गया था
यूपी में गाजियाबाद के गांव खोडा में वर्ष 1992 में पैदा हुआ चंद्रभान 12वीं की पढ़ाई करने के बाद गलत संगत में पड़ गया था। वह पहली बार वर्ष 2009 में मंडावली, दिल्ली में इंदिरापुरम, गाजियाबाद निवासी पिंटू शर्मा की हत्या के मामले में गिरफ्तार हुआ था। सात महीने में ही इसको जमानत मिल गई। इसके बाद वह आठ से दस बार लूट, उगाही आदि के मामले में गिरफ्तार हुआ। हर बार इसको जमानत मिल गई। वर्ष 2014 में वह खोड़ा गाजियाबाद निवासी बादल की हत्या में गिरफ्तार हुआ। तभी से जेल में था। बहराइच, यूपी का मूल निवासी मो. अतीक स्कूल के समय में ही चंद्रभान के संपर्क में आ गया था। वह 32 महीने बाद 27 फरवरी, 2019 में जेल से बाहर आया था। उधर, बुलंदशहर का मूल निवासी निवासी बालकिशन स्कूल के समय से ही छोटे-मोटे अपराध करने लगा था। वर्ष 2004 में वह पहली बार गिरफ्तार हुआ था। इसके बाद कई बार गिरफ्तार हुआ।
विज्ञापन
मंडोली जेल से दिया था दो लोगों की हत्या का निर्देश
स्पेशल सेल ने जेल में बंद सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर बचाई जान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की मंडोली जेल में लखनऊ, यूपी के बदमाशों के मौज-मस्ती करने का वीडियो वायरल होने का मामला ठंडा भी नहीं हुआ है कि यह जेल एक बार फिर चर्चा में है। इसमें बंद एक गिरोह का सरगना उगाही करने और हत्या कराने का रैकेट चला रहा था। स्पेशल सेल ने इस सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर दो लोगों की जान बचा ली।
स्पेशल सेल डीसीपी प्रमोद कुशवाह के अनुसार, एसीपी ललित मोहन नेगी व हदयभूषण की टीम को सूचना मिली कि बदमाश चंद्रभान उर्फ अमन यादव उर्फ चौवा मंडोली जेल से अपने गिरोह को चला रहा है। वह हथियार एकत्र करा रहा था। उसने अपने दो साथियों को दो लोगों की हत्या करने व यूपी की खोड़ा कॉलोनी में उगाही रैकेट चलाने का निर्देश दिया था। एसीपी ललित मोहन नगी, हदयभूषण की देखरेख में इंस्पेक्टर सुनील रंजन, रविंद्र जोशी व विनोद बडोला की टीम ने बाल भारती स्कूल, खोड़ा कॉलोनी के पास से दो बदमाशों त्रिलोकपुरी दिल्ली निवासी बालकिशन, यूपी के गाजियाबाद में करण विहार निवासी मोहम्मद अतीक को गिरफ्तार कर लिया। इनसे चार कारतूस के साथ .32 बोर का तमंचा, तीन कारतूस के साथ अन्य तमंचा और चोरी की स्पोर्ट्स बाइक बरामद की गई। इनके खुलासे के बाद स्पेशल सेल ने मंडोली की जेल नंबर-11 की तलाशी ली। चंद्रभान के कब्जे से एक डायरी बरामद कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
विज्ञापन
उगाही केस के वादी का कराना चाहता था कत्ल
चंद्रभान ने एक व्यक्ति से उगाही की कोशिश की थी। उसने मामला दर्ज करा दिया और चंद्रभान गिरफ्तार हो गया। चंद्रभान ने जेल से ही दो अन्य आरोपियों के साथ उसकी हत्या की साजिश रची। चंद्रभान का उद्देश्य था कि एक तो केस का गवाह खत्म हो जाएगा और दूसरा इलाके में उसकी धाक जम जाएगी। दूसरे व्यक्ति की हत्या भी वह खोड़ा कॉलोनी में अपनी धाक जमाने के लिए कराना चाहता था। उसके निशाने पर आया दूसरा व्यक्ति पहले उसका साथी था। बाद में इलाके में अपनी सत्ता चलाने पर मतभेद के बाद दोनों अलग हो गए थे।
विज्ञापन
12वीं करने के बाद ही बुरी संगत में पड़ गया था
यूपी में गाजियाबाद के गांव खोडा में वर्ष 1992 में पैदा हुआ चंद्रभान 12वीं की पढ़ाई करने के बाद गलत संगत में पड़ गया था। वह पहली बार वर्ष 2009 में मंडावली, दिल्ली में इंदिरापुरम, गाजियाबाद निवासी पिंटू शर्मा की हत्या के मामले में गिरफ्तार हुआ था। सात महीने में ही इसको जमानत मिल गई। इसके बाद वह आठ से दस बार लूट, उगाही आदि के मामले में गिरफ्तार हुआ। हर बार इसको जमानत मिल गई। वर्ष 2014 में वह खोड़ा गाजियाबाद निवासी बादल की हत्या में गिरफ्तार हुआ। तभी से जेल में था। बहराइच, यूपी का मूल निवासी मो. अतीक स्कूल के समय में ही चंद्रभान के संपर्क में आ गया था। वह 32 महीने बाद 27 फरवरी, 2019 में जेल से बाहर आया था। उधर, बुलंदशहर का मूल निवासी निवासी बालकिशन स्कूल के समय से ही छोटे-मोटे अपराध करने लगा था। वर्ष 2004 में वह पहली बार गिरफ्तार हुआ था। इसके बाद कई बार गिरफ्तार हुआ।