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Delhi News: नफे सिंह हत्याकांड में इस्तेमाल गाड़ी मालिक का तलाश में फरीदाबाद पहुंची टीम
Tue, 27 Feb 2024 11:05 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, दिल्ली
संवाद न्यूज एजेंसी, दिल्ली
Updated Tue, 27 Feb 2024 11:05 PM IST
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- ओल्ड फरीदाबाद निवासी नीरज के नाम पर है कार, आखिरी बार मोनू नाम के युवक को बेची थी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। इनेलो के पूर्व विधायक नफे सिंह राठी हत्याकांड में इस्तेमाल कार के मालिक की तलाश में रोहतक और बहादुरगढ़ एसटीएफ फरीदाबाद पहुंची। कार ओल्ड फरीदाबाद के खत्रीवाड़ा निवासी नीरज के नाम पर है। हालांकि नीरज ने कार को पहले ही बेच दिया था। एसटीएफ की टीम को नीरज घर पर नहीं मिला। टीम ने नीरज के भाई विष्णु को कई घंटे की पूछताछ के बाद छोड़ दिया।
वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने जिस आई-20 कार का इस्तेमाल किया है, वह विष्णु के भाई नीरज के नाम पर है। आरोपियों ने कार पर स्कूटी का नंबर लगाकर वारदात को अंजाम दिया था। सूत्रों के मुताबिक नीरज के परिवार ने उसे पहले से ही बेदखल कर रखा है। वह घर पर भी नहीं आता। नीरज ने कार की किस्त भी समय पर नहीं भरी थी। इस कारण उसने कार 2021 में तरुण नागर नाम के युवक को बेची थी। तरुण ने कार गाजियाबाद निवासी इमरान को बेच दी।
टीम ने इमरान से पूछताछ की तो पता लगा उसने कार ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर-75 में काम करने वाले मोनू नाम के युवक क शख्स को बेची थी। टीम ने मोनू की तलाश में छापेमारी की लेकिन वह फरार है। आसपास के लोगों से पूछताछ में सामने आया मोनू गाड़ियों की खरीद-फरोख्त का काम करता है।
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फरीदाबाद। इनेलो के पूर्व विधायक नफे सिंह राठी हत्याकांड में इस्तेमाल कार के मालिक की तलाश में रोहतक और बहादुरगढ़ एसटीएफ फरीदाबाद पहुंची। कार ओल्ड फरीदाबाद के खत्रीवाड़ा निवासी नीरज के नाम पर है। हालांकि नीरज ने कार को पहले ही बेच दिया था। एसटीएफ की टीम को नीरज घर पर नहीं मिला। टीम ने नीरज के भाई विष्णु को कई घंटे की पूछताछ के बाद छोड़ दिया।
वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने जिस आई-20 कार का इस्तेमाल किया है, वह विष्णु के भाई नीरज के नाम पर है। आरोपियों ने कार पर स्कूटी का नंबर लगाकर वारदात को अंजाम दिया था। सूत्रों के मुताबिक नीरज के परिवार ने उसे पहले से ही बेदखल कर रखा है। वह घर पर भी नहीं आता। नीरज ने कार की किस्त भी समय पर नहीं भरी थी। इस कारण उसने कार 2021 में तरुण नागर नाम के युवक को बेची थी। तरुण ने कार गाजियाबाद निवासी इमरान को बेच दी।
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टीम ने इमरान से पूछताछ की तो पता लगा उसने कार ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर-75 में काम करने वाले मोनू नाम के युवक क शख्स को बेची थी। टीम ने मोनू की तलाश में छापेमारी की लेकिन वह फरार है। आसपास के लोगों से पूछताछ में सामने आया मोनू गाड़ियों की खरीद-फरोख्त का काम करता है।
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