फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Court took cognizance of chargesheet, directed to produce the accused

दिल्ली कैंट सामूहिक दुष्कर्म मामला: कोर्ट ने आरोपपत्र पर लिया संज्ञान, आरोपियों को पेश करने का निर्देश

Fri, 10 Sep 2021 07:45 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 10 Sep 2021 07:45 PM IST
विज्ञापन
Court took cognizance of chargesheet, directed to produce the accused
नई दिल्ली। अदालत ने दिल्ली कैंट में नौ वर्षीय बच्ची की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए सभी चारों आरोपियों के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी कर पेश करने का निर्देश दिया है। पुलिस ने हाल ही में मामले में 55 वर्षीय पुजारी राधेश्याम सहित चार लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
विज्ञापन

पटियाला हाउस कोर्ट स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आशुतोष कुमार ने जेल प्रशासन को आरोपी पुजारी राधेश्याम, कुलदीप सिंह, सलीम अहमद एवं लक्ष्मी नारायण को 29 सितंबर को अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देेश दिया है। अदालत ने आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या, सामूहिक दुष्कर्म संबंधी धाराओं में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं।
विज्ञापन

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने करीब 400 पृष्ठों का आरोप पत्र दाखिल किया था। पुलिस ने यह आरोप पत्र हत्या, गैर इरादतन हत्या, सामूहिक बलात्कार, गलत तरीके से हिरासत में रखने, सबूतों को नष्ट करने सहित पोक्सो कानून के तहत दाखिल किया है। साथ ही उस पर अनुसूचित जाति जनजाति कानून के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस मामले में चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस ने आरोपपत्र में कहा है कि उसके पास पुख्ता सबूत हैं जिसके आधार पर चारों आरोपियों को सजा दिलवाई जा सके। पुलिस ने इस मामले में बच्ची की मां की शिकायत पर एक अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की थी। पांच अगस्त को इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी गई थी।
बच्ची की मां ने कहा था कि उसकी नाबालिग बेटी की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई और बिना परिवार की इजाजत के शव को जला दिया गया। इसलिए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

इससे पहले अदालत ने एक आवेदन पर सुनवाई के बाद बेटी के जीवन के नुकसान के लिए बच्ची की मां को 2.5 लाख रुपये की अंतरिम राहत देने का आदेश दिया था। एक सरकारी योजना के अनुसार जीवन के नुकसान के मामले में अधिकतम मुआवजा 10 लाख रुपये है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed