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दिल्ली दंगा : देवांगना कलिता के आवेदन पर सुनवाई करे अदालत
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नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दंगा आरोपी देवांगना कलिता के आवेदन को खारिज करने संबंधी फैसला याची की ओर से पेेश नई याचिका पर सुनवाई में आड़े नहीं आना चाहिए। याची ने उनके खिलाफ लंबित दिल्ली दंगों के मामले में सीएए के विरोध के कुछ वीडियो की प्रतियां मांगी है।
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कलिता के आवेदन पर नए सिरे से सुनवाई करने को कहा है। कलिता ने पिछले साल पारित अस्वीकृति आदेश को चुनौती दी थी। मामला उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके में हुए दंगों से जुड़ा है।
अदालत ने इस याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि पहले का आदेश निचली अदालत ने यह देखते हुए पारित किया था कि मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच जारी थी।
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अदालत ने कहा फैसला देखने से स्पष्ट है कि अन्य सभी आरोपियों के मामले में जांच पूरी नहीं थी। अब संज्ञान पर है। विशेष लोक अभियोजक अमित महाजन ने स्पष्ट किया कि जांच पूर्ण नहीं थी और मामले में एक पूरक आरोप पत्र दायर किया जाना है।
कलिता ने अधिवक्ता अदित एस पुजारी, तुषारिका मट्टू और कुणाल नेगी के माध्यम से दायर अपनी याचिका में आरोपपत्र के साथ दायर सीएए और पुलिस के पास उपलब्ध अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा के खिलाफ विरोध के वीडियो की प्रतियां मांगी थीं।
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न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कलिता के आवेदन पर नए सिरे से सुनवाई करने को कहा है। कलिता ने पिछले साल पारित अस्वीकृति आदेश को चुनौती दी थी। मामला उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके में हुए दंगों से जुड़ा है।
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अदालत ने इस याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि पहले का आदेश निचली अदालत ने यह देखते हुए पारित किया था कि मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच जारी थी।
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अदालत ने कहा फैसला देखने से स्पष्ट है कि अन्य सभी आरोपियों के मामले में जांच पूरी नहीं थी। अब संज्ञान पर है। विशेष लोक अभियोजक अमित महाजन ने स्पष्ट किया कि जांच पूर्ण नहीं थी और मामले में एक पूरक आरोप पत्र दायर किया जाना है।
कलिता ने अधिवक्ता अदित एस पुजारी, तुषारिका मट्टू और कुणाल नेगी के माध्यम से दायर अपनी याचिका में आरोपपत्र के साथ दायर सीएए और पुलिस के पास उपलब्ध अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा के खिलाफ विरोध के वीडियो की प्रतियां मांगी थीं।