{"_id":"5fe600678ebc3e41a512c7bc","slug":"court-refuses-to-grant-bail-to-accused-who-active-in-riots-ashram-news-noi556045180","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्वी दिल्ली दंगा: अदालत ने कहा आरोपी की दंगे में सक्रिय भूमिका, किया जमानत से इनकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्वी दिल्ली दंगा: अदालत ने कहा आरोपी की दंगे में सक्रिय भूमिका, किया जमानत से इनकार
विज्ञापन
नई दिल्ली। अदालत ने दिल्ली दंगों से संबंधित चार मामलों में आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा आरोपी को एक चश्मदीद गवाह ने ‘उपद्रवी भीड़’ के कथित सदस्य के रूप में स्पष्ट रूप से पहचाना है और सीसीटीवी फुटेज में उसे दंगों में शामिल होते हुए देखा गया है। इन तथ्यों के मद्देनजर आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती।
कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने करावल नगर क्षेत्र में हुए दंगों से जुड़े मामलों में आरोपी प्रवीण गिरी की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि आरोपी को चश्मदीद गवाह कल्याण सिंह ने घटना की तारीख और समय पर दंगाई भीड़ के सदस्य के रूप में स्पष्ट रूप से पहचाना है। वह इलाके में रियाज मलिक की दुकान में तोड़फोड़ करते हुए सीसीटीवी फुटेज में देखा गया है।
अदालत ने कहा पुलिस के अनुसार घटना के समय उसके द्वारा पहने कपड़े भी उसकी निशानदेही पर बरामद किए हैं। अदालत ने कहा मामलों में गवाह उसी इलाके के निवासी हैं। इसलिए आरोपी द्वारा उन्हें धमकी देने या डराने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में आरोपी को जमानत देना उचित नहीं है।
विज्ञापन
वहीं आरोपी के वकील ने तर्क रखा कि पुलिस ने उनके मुवक्किल को फर्जी तरीके से इस मामले में फंसाया है। वहीं सरकारी वकील नितिन राय शर्मा ने आपत्ति करते हुए तर्क रखा कि आरोपी की दंगों में सक्रिय भूमिका रही है।
विज्ञापन
कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने करावल नगर क्षेत्र में हुए दंगों से जुड़े मामलों में आरोपी प्रवीण गिरी की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि आरोपी को चश्मदीद गवाह कल्याण सिंह ने घटना की तारीख और समय पर दंगाई भीड़ के सदस्य के रूप में स्पष्ट रूप से पहचाना है। वह इलाके में रियाज मलिक की दुकान में तोड़फोड़ करते हुए सीसीटीवी फुटेज में देखा गया है।
विज्ञापन
अदालत ने कहा पुलिस के अनुसार घटना के समय उसके द्वारा पहने कपड़े भी उसकी निशानदेही पर बरामद किए हैं। अदालत ने कहा मामलों में गवाह उसी इलाके के निवासी हैं। इसलिए आरोपी द्वारा उन्हें धमकी देने या डराने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में आरोपी को जमानत देना उचित नहीं है।
विज्ञापन
वहीं आरोपी के वकील ने तर्क रखा कि पुलिस ने उनके मुवक्किल को फर्जी तरीके से इस मामले में फंसाया है। वहीं सरकारी वकील नितिन राय शर्मा ने आपत्ति करते हुए तर्क रखा कि आरोपी की दंगों में सक्रिय भूमिका रही है।