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दिल्ली: कोरोना ने छीना 791 महिलाओं का सुहाग, राज्य महिला आयोग ने सौंपी रिपोर्ट
Mon, 26 Jul 2021 11:22 PM IST
योगेश साहू
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Mon, 26 Jul 2021 11:22 PM IST
सार
दिल्ली महिला आयोग ने कहा है कि घर-घर सर्वे करने के बाद मिली जानकारी के अनुसार इन 791 महिलाओं में 774 महिलाओं (97.85 फीसदी) के पास एक या दो बच्चे हैं।
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महाराष्ट्र में कोरोना
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
कोरोना की महामारी के दौरान दिल्ली की 791 महिलाओं ने अपना सुहाग खो दिया है। दिल्ली महिला आयोग की ओर से राजधानी के घर-घर से एकत्र की गई जानकारी के अनुसार पता चला है कि इनमें से ज्यादातर पुरुष अपने परिवार में कमाने वाले इकलौते सदस्य थे। घर खर्च के लिए पूरा परिवार उन्हीं पर निर्भर करता था। महिला आयोग ने दिल्ली सरकार से इन महिलाओं के लिए विशेष सहायता करने की मांग की है।
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दिल्ली महिला आयोग ने कहा है कि घर-घर सर्वे करने के बाद मिली जानकारी के अनुसार इन 791 महिलाओं में 774 महिलाओं (97.85 फीसदी) के पास एक या दो बच्चे हैं। जबकि 360 महिलाओं के पास तीन या पांच बच्चे तक हैं। विधवा हुई कुल 30 महिलाओं के पांच या इससे अधिक बच्चे हैं।
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इस मामले में दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि विधवा हुई इन महिलाओं में सबसे ज्यादा 734 महिलाएं (92.79 फीसदी) 18-60 वर्ष आयु की हैं। इनकी उम्र से यह भी अंदाजा लगाया जा सकता है कि मृतकों की उम्र इसी आयु सीमा के आसपास होगी। वहीं कुल पीड़ित महिलाओं में शेष सीनियर सिटिजन हैं। 191 महिलाएं 18-35 वर्ष की आयु के बीच हैं।
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सर्वे में यह भी साफ हुआ है कि 721 महिलाएं सामान्य गृहिणी हैं, तो शेष महिलाएं कुछ न कुछ कामकाज करती हैं। इनमें ज्यादातर छोटे-छोटे कामकाज में जुड़ी हुई हैं तो कुछ बिजनेस, प्राइवेट या सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं।
पीड़ित महिलाओं में से 28.57 फीसदी के पास पति की कमाई का दूसरा कोई स्रोत नहीं है तो वहीं लगभग 60 फीसदी महिलाओं के पास विभिन्न मद में 15,000 रुपये या इससे कम मासिक आय का स्रोत है।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि हम सरकार को इन महिलाओं की सोशल सर्वे रिपोर्ट भी सौंप रहे हैं जिससे सरकार को इन तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में आसानी हो। उन्होंने पीड़ित महिलाओं को टीकाकरण में प्राथमिकता देने की मांग की है।
बता दें कि दिल्ली सरकार ने कमाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की मृत्यु पर परिवार को एक मुश्त 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा हर आश्रित माता या पिता, पत्नी या बच्चों को 2500 रुपये की मासिक मदद का भी एलान किया है।