{"_id":"6168bfc171571507dd5f9523","slug":"corona-vaccination-graph-dropped-in-delhi-as-soon-as-festival-arrived-first-dose-reduced","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिंता की बात : त्योहार आते ही दिल्ली में गिरा कोरोना टीकाकरण ग्राफ, पहली खुराक वाले हुए कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिंता की बात : त्योहार आते ही दिल्ली में गिरा कोरोना टीकाकरण ग्राफ, पहली खुराक वाले हुए कम
Fri, 15 Oct 2021 05:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 15 Oct 2021 05:09 AM IST
सार
अभी भी दिल्ली में 34 लाख पंजीकृत वयस्क वैक्सीन से दूर, संख्या में हो सकता है इजाफा।
विज्ञापन
टीकाकरण
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
त्योहार आते ही जहां एक तरफ दिल्ली में कोरोना का टीकाकरण 11 सप्ताह पीछे जा चुका है वहीं बीते 23 दिन से राजधानी में पहली खुराक लेने वालों की संख्या लगातार कम देखने को मिल रही है। ऐसा इसलिए नहीं है कि ज्यादातर लोगों को वैक्सीन लग चुकी है बल्कि इसलिए कि दिल्ली में अभी भी 34 लाख पंजीकृत वयस्क आबादी वैक्सीन से दूर है और इस संख्या में इजाफा हो सकता है।
विज्ञापन
विशेषज्ञों की मानें तो दिल्ली में कोरोना टीकाकरण को लेकर सबसे अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रो. शातंनु सेन ने ट्रांसजेंडर आबादी का उदाहरण देते हुए बताया कि दिल्ली में कुल पंजीकृत मतदाता ट्रांसजेंडर की संख्या 815 है जबकि वैक्सीन अब तक साढ़े पांच हजार से अधिक को दिया जा चुका है। इससे साफ पता चल रहा है कि पंजीकृत मतदाताओं से अधिक वैक्सीन लेने वालों की संख्या है।
विज्ञापन
दिल्ली सरकार के ही मुताबिक 18 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग की कुल आबादी करीब 1.50 करोड़ है जिनमें से 1.26 करोड़ को पहली और 67.49 लाख लोगों को दोनों खुराक लग चुकी हैं। इस हिसाब से देखें तो पंजीकृत आबादी में ही अभी करीब 34 लाख का अंतर है और उसके बाद बगैर पंजीकृत आबादी का आंकड़ा किसी के पास नहीं है।
विज्ञापन
दरअसल कोविन वेबसाइट के अनुसार दिल्ली में बीते 31 जुलाई के बाद से हर सप्ताह सात लाख से अधिक टीकाकरण दर्ज किया जा रहा था लेकिन बीते नौ अक्तूबर से अब तक के सप्ताह में यह संख्या पांच लाख तक ही पहुंच पाई है। इससे पहले एक सप्ताह में पांच लाख टीकाकरण 24 से 30 जुलाई के बीच दर्ज किया गया था। 10 सप्ताह तक लगातार टीकाकरण में बढ़ोतरी होने के बाद गिरावट ऐसे वक्त में दर्ज की गई है जब त्योहारों के चलते कोविड सतर्कता नियमों का सख्ती से पालन और टीकाकरण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ऐसे कम हुई पहली खुराक वालों की संख्या
कोविन वेबसाइट के ही अनुसार दिल्ली में 21 सितंबर तक रोजाना पहली खुराक लेने वालों की संख्या अधिक दर्ज की जा रही थी लेकिन 22 सितंबर से अब तक रोजाना दूसरी खुराक लेने वालों की संख्या ही सबसे अधिक है और पहली खुराक लेने वालों में लगातार कमी आ रही है। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसके पीछे कारण बताया कि जुलाई से लेकर सितंबर माह के बीच काफी लोगों ने वैक्सीन लगवाई थी जिनका अब दूसरी खुराक लेने का समय भी आ रहा है। इसलिए यह संख्या अधिक दर्ज की जा रही है लेकिन सवाल यह है कि पहली खुराक लेने वाले कम क्यों हो रहे हैं?
आज आखिरी दिन, फिर नहीं मिलेगा प्रवेश
अधिकारी ने बताया कि पहली खुराक को लेकर विभाग गंभीर है। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में दिल्ली सरकार ने आदेश जारी किया था जिसके तहत सभी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए वैक्सीन लेने का आज यानी शुक्रवार को अंतिम दिन है। इसके बाद शनिवार से किसी भी कर्मचारी को कार्यालय में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इन्हें छुट्टी पर तब तक के लिए भेज दिया जाएगा जब तक वैक्सीन की कम से कम एक खुराक नहीं लेते हैं। इसी तरह से जिला प्रशासन को भी टीकाकरण बढ़ाने पर जोर देने के लिए कहा जा रहा है।
दो सप्ताह बनाया रिकॉर्ड, फिर धड़ाम से नीचे
केंद्र सरकार के अनुसार राज्यों के पास पर्याप्त वैक्सीन है लेकिन दिल्ली में टीकाकरण का ग्राफ कुछ अलग ही तस्वीर दिखा रहा है। दो सप्ताह तक रिकॉर्ड ऊंचाईयों पर पहुंचने के बाद यह ग्राफ धड़ाम से नीचे ऐसा आया कि टीकाकरण में 70 फीसदी से भी अधिक गिरावट आ गई। 18 से 24 सितंबर और 25 सितंबर से एक अक्तूबर के बीच दो सप्ताह में क्रमश: 11.59 और 11.26 लाख टीकाकरण हुआ जोकि 16 जनवरी से अब तक पहली बार है लेकिन इसके बाद दो से आठ अक्तूबर के बीच 7.92 लाख और फिर नौ अक्तूबर से अब तक 5.08 लाख लोगों को ही वैक्सीन मिल पाई।