Corona in Delhi: सीटीआई की अपील- दिल्ली में ग्रैप को खत्म किया जाए
कोविड-19 के केस घट रहे हैं। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने डीडीएमए से ग्रेप को खत्म करने की मांग की है। इसे लेकर सीटीआई ने डीडीएमए को पत्र भी लिखा है। सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा है कि दिल्ली में ओमिक्रॉन का खतरा काफी हद तक नियंत्रित हो गया है।
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कोरोना संक्रमण के मामले राजधानी में तेजी से कम हो रहे हैं। इसे लेकर अब ग्रेडेड रिस्पान्स एक्शन प्लान (ग्रेप) को खत्म करने की मांग तेज हो गई है। व्यापारियों का कहना है कि ग्रैप को अब खत्म कर देना चाहिए नहीं तो आगे भी कोविड प्रतिबंधों की तलवार लटकी रहेगी। इसे लेकर व्यापारिक संगठन ने दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) को पत्र भी लिखा है।
कोविड-19 के केस घट रहे हैं। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने डीडीएमए से ग्रेप को खत्म करने की मांग की है। इसे लेकर सीटीआई ने डीडीएमए को पत्र भी लिखा है। सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा है कि दिल्ली में ओमिक्रॉन का खतरा काफी हद तक नियंत्रित हो गया है। डेल्टा वैरिएंट के मुकाबले ओमिक्रॉन कम जानलेवा रहा, लेकिन 0.5 प्रतिशत संक्रमण दर होते ही डीडीएमए ने राजधानी में ग्रेप के तहत पहला चरण येलो अलर्ट जारी कर दिया।
यलो अलर्ट के तहत कई पाबंदियां लागू
उन्होंने कहा कि इससे कई तरह की पाबंदियां लग गईं। बाद में डीडीएमए की मीटिंग में हालात की समीक्षा हुई। समय-समय पर कई तरह की ढील भी मिली। यही वजह है कि डीडीएमए ने अंबर, ऑरेंज और रेड अलर्ट नहीं लगाया। अब भी येलो अलर्ट के तहत कई पाबंदियां हैं।
गोयल ने कहा कि ग्रेप के प्रावधानों से व्यापारियों में भय व्याप्त है। यह डेल्टा वैरिएंट को ध्यान में रखकर बनाया गया था। एक्सपर्ट्स के हवाले से गोयल ने कहा कि कोविड के नए-नए वैरिएंट थोड़े-थोड़े समय में आ सकते हैं। ऐसे में प्रत्येक वैरिएंट की समीक्षा के बाद ही डीडीएमए किसी तरह का प्रतिबंध लगाए। ग्रैप को खत्म कर देना चाहिए नहीं तो आगे भी कोविड प्रतिबंधों की तलवार लटकी रहेगी।