फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Confusion over offline cbse exams

कोरोना काल में संकट : 12वीं की परीक्षा ऑनलाइन कराने पर असमंजस बरकरार

Sat, 17 Apr 2021 05:47 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Sat, 17 Apr 2021 05:47 AM IST
विज्ञापन
Confusion over offline cbse exams
सांकेतिक तस्वीर... - फोटो : अमर उजाला

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं स्थगित की जा चुकी है। कोरोना की स्थिति को देखते हुए बोर्ड एक जून के बाद स्थिति की समीक्षा करेगा। ऐसे में परीक्षाएं आयोजित करने को लेकर असमंजस बना हुआ है। हर किसी का एक सवाल है कि यदि परीक्षाएं हुईं तो क्या वह ऑफलाइन होंगी या ऑनलाइन। सीबीएसई इस पर अभी कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है।

विज्ञापन


डीयू दाखिला प्रक्रिया से लंबे समय से जुड़े रहे डॉ गुरप्रीत सिंह टुटेजा कहते हैं कि भारत में 12वीं की ऑनलाइन परीक्षाएं संभव नहीं हैं। संसाधनों की कमी और परीक्षार्थियों की संख्या काफी अधिक है। लिहाजा बोर्ड के पास ऑफलाइन परीक्षा कराने का ही विकल्प है। वहीं, स्ट्रीम (साइंस, आर्ट, कॉमर्स) के हिसाब से तीन-तीन मुख्य विषय में एक भाषा की परीक्षा कराए जाने का विकल्प भी है। बाकी विषयों के लिए आंतरिक मूल्यांकन किया जा सकता है।
विज्ञापन


मौसम विहार स्थित डीएवी स्कूल की प्रिंसिपल वंदना कपूर कहती हैं कि देर से ही सही लेकिन बोर्ड को ऑफलाइन परीक्षा ही आयोजित करनी चाहिए। ऑनलाइन परीक्षा नहीं कराई जा सकती। इससे ना केवल उनके सही प्रदर्शन का नहीं पता चलेगा बल्कि नकल करने की भी गुंजाइश रहेगी। ऑफलाइन परीक्षा से ही विद्यार्थी की सही क्षमता का पता चल सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


वह कहती हैं बारहवीं की परीक्षा विद्यार्थी की उच्च शिक्षा भी जुड़ी होती है। कोई फॉर्मूला लगाकर भी उसे प्रमोट नहीं किया जा सकता। देश या विदेश में कोई भी विश्वविद्यालय इसे दाखिले का आधार नहीं मानेगा।


वहीं डॉ. टुटेजा का मानना है कि किसी भी परीक्षा का एक मौलिक सिद्धांत होता है कि परीक्षा कराने का एक ही तरीका हो। कुछ ऑफलाइन दें कुछ ऑनलाइन यह संभव नहीं है। लिहाजा ऑफलाइन परीक्षा होनी चाहिए। 12वीं में कई विद्यार्थी ऐसी पारिवारिक पृष्ठभूमि के होते हैं जिनके पास लैपटॉप की व्यवस्था नहीं होती। फोन के माध्यम से ऑनलाइन परीक्षा देना संभव नहीं। वह कहते हैं कि ऑनलाइन परीक्षा कराने के लिए तकनीक तो है लेकिन संसाधनों की कमी और विद्यार्थियों की संख्या (14 लाख) होने के कारण इसे आयोजित करना कठिन होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed