Delhi News: नजफगढ़ ड्रेन को बनाया जाएगा टूरिस्ट स्पॉट, उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में उपराज्यपाल ने जोर दिया कि नजफगढ़ ड्रेन को ईको पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने की संभावनाएं हैं। इसमें बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित दूसरी मनोरंजक गतिविधियां पर्यटकों के लिए आकर्षण के केंद्र के तौर पर विकसित की जा सकती हैं।
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नजफगढ़ ड्रेन को बेहतरीन ईको पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है। उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने ड्रेन को पर्यटन धरोहर के तौर पर विकसित करने पर सहमति जताई है। इसके तहत ड्रेन के सीवेज का शोधन होगा और गाद निकाली जाएगी।
वहीं, इसमें मिलने वाले दूसरे नालों के सीवेज को इसमें गिरने से रोका जाएगा। इससे नौकायन व जल क्रीड़ा स्थल के तौर पर विकसित करने में मदद मिलेगी। आम लोगों को सैर-सपाटे की सुविधा भी मिलेगी। कोशिश ड्रेन के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने की है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दो दिन के भीतर इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें।
मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में उपराज्यपाल ने जोर दिया कि नजफगढ़ ड्रेन को ईको पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने की संभावनाएं हैं। इसमें बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित दूसरी मनोरंजक गतिविधियां पर्यटकों के लिए आकर्षण के केंद्र के तौर पर विकसित की जा सकती हैं।
उन्होंने इसके लिए ड्रेन की गहराई कम से कम 4 मीटर करने का निर्देश दिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए ड्रेन से चरणबद्ध् तरीके से गाद हटाकर इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
गाद हटाने के लिए तलाशें विशेेषज्ञ एजेंसी, बढ़ेगी गहराई भी उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक-दो दिन के अंदर नजफगढ़ नाले में मौजूद गाद को निकालकर इसे पूर्ण करने के लिए एक विशेषज्ञ एजेंसी नियुक्त करने की संभावनाएं तलाशने का निर्देश दिया।
इससे गाद को हटाने के साथ साथ ड्रेन की गहराई भी बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने निर्देश दिया है कि नजफगढ़ नाले में गिरने वाले छोटे नालों से ठोस अपशिष्ट और भारी गाद के प्रवाह को रोकने के लिए जाली लगाई जानी चाहिए। इससे नजफगढ़ समेत पूरक नाले में जल संरक्षण के लिए आदर्श गहराई भी हासिल की जा सकेगी और भूजल स्तर में भी बढ़ोतरी होगी। जलाशयों के तौर पर इसे विकसित किया जाना चाहिए ताकि जल संरक्षण के जरिये ड्रेन को नई शक्ल दी जा सके।
जलकुंभी हटाने के लिए कटर से लैस नावों का किया जाएगा इस्तेमाल
नालों में बड़े पैमाने पर मौजूद जलकुंभी को हटाने के लिए कटर से लैस नावों के उपयोग करने का निर्णय लिया गया ताकि नाले में पानी के प्रवाह में किसी तरह की बाधा न हो। इससे जल प्रवाह को बेहतर करने सहित ठोस अपशिष्टों के प्रवाह को रोकना संभव होगा। अब तक इस कार्य के लिए जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल किया जाता रहा है, लेकिन इसके दीर्घकालिक परिणाम नहीं मिल सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि फूलों और सौंदर्यीकरण के लिहाज से आकर्षक पौधे लगाने की दिशा में कदम बढ़ाना होगा ताकि मानसून के मौसम में इसके लाभों को भुनाया जा सके। बैठक में मौजूद अतिरिक्त मुख्य सचिव (पर्यावरण और वन) सहित अन्य अधिकारियों को दो दिन के भीतर इस परियोजना के लिए व्यवहार्यता और कार्य योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
सौंदर्यीकरण और जल शोधन का काम करवाएगी सरकार
दिल्ली सरकार नजफगढ़ ड्रेन का सौंदर्यीकरण, जल शोधन और गाद निकालने का काम करवाएगी। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को इसी सिलसिले में ड्रेजिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के उच्चाधिकारियों और तकनीकी विशेेषज्ञों की टीम के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव आशीष कुंद्रा भी शामिल रहे।
गाद निकालने के साथ जलकुंभी को साफ किया जाएगा
ड्रेजिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के विशेषज्ञों ने नजफगढ़ ड्रेन का बृहस्पतिवार को निरीक्षण किया। विशेेषज्ञों की टीम सभी पहलुओं का विश्लेषण करने के बाद दिल्ली सरकार को एक हफ्ते में अपने सुझाव भेजेगी। इसके बाद कई चरणों में नजफगढ़ ड्रेन से गाद निकालने के साथ ही जलकुंभी को भी साफ किया जाएगा।
दिल्ली सरकार यमुना में बहने वाले प्रमुख नालों के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण की दिशा में काम कर रही है। महत्वपूर्ण परियोजना के एक भाग के रूप में नजफगढ़ नाले की सफाई, सौंदर्यीकरण भी शामिल है। गाद निकालने के बाद नजफगढ़ ड्रेन के बहाव को बेहतर करने सहित जलशोधन कर, सौंदर्यीकरण का काम किया जाएगा। गौरतलब है कि 51 किलोमीटर का नाला नजफगढ़ झील से निकलकर दक्षिण पश्चिम, पश्चिम और उत्तरी जिलों से होते हुए वजीराबाद में यमुना में मिल जाता है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद से यमुना के प्रदूषण को कम करने में बहुत मदद मिलेगी।