फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Central Government reply in Delhi High Court Cannot open Markaz completely, some people can offer namaz in Shab-e-Barat and Ramadan

केंद्र का हाईकोर्ट में जवाब: मरकज को पूरा नहीं खोल सकते, कुछ लोग शब-ए-बरात, रमजान की नमाज पढ़ सकते हैं

Sat, 05 Mar 2022 09:21 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 05 Mar 2022 09:21 AM IST
सार

केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में निजामुद्दीन मरकज को खोलने को लेकर कहा कि मरकज को पूरा नहीं खोल सकते। हालांकि कुछ लोगों को शब-ए-बरात और रमजान के मौकों पर वहां नमाज अदा करने दिया जा सकता है। मामले में अगले हफ्ते सुनवाई होगी।

विज्ञापन
Central Government reply in Delhi High Court Cannot open Markaz completely, some people can offer namaz in Shab-e-Barat and Ramadan
फाइल फोटो - फोटो : जी पाल

विस्तार

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में निजामुद्दीन मरकज को पूरी तरह खोलने का विरोध करते हुए कहा, ऐसा फिलहाल संभव नहीं। हालांकि कुछ लोगों को शब-ए-बरात और रमजान के मौकों पर वहां नमाज अदा करने दिया जा सकता है। कोरोना काल के दौरान मार्च 2020 में निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात के सम्मेलन के बाद तेजी से मामले बढ़ने के बाद से ही मरकज को बंद कर दिया गया था।
विज्ञापन


मरकज को मार्च और अप्रैल में खोलने की दिल्ली वक्फ बोर्ड की अर्जी पर सुनवाई कर रहे जस्टिस मनोज कुमार ओहरी को सरकारी वकील रजत नायर ने बताया कि मस्जिद एक केस प्रॉपर्टी है और याचिकाकर्ता वक्फ बोर्ड के पास इसे खुलवाने का कोई ठोस आधार नहीं है। 
विज्ञापन


नायर ने कहा, पहले भी सिर्फ कुछ लोगों को ही सशर्त नमाज पढ़ने की छूट दी जाती ही है और इस बार भी इसमें कोई आपत्ति नहीं है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा, मस्जिद में दिल्ली पुलिस का ताला लटका है। चूंकि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अब सभी पाबंदियां हटा दी हैं, मस्जिद को भी खोल देना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जज ने याचिकाकर्ता के वकील को डीडीएमए का आदेश पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट अब अगले हफ्ते इस मामले में सुनवाई करेगा। दिल्ली वक्फ बोर्ड ने अपनी याचिका में दलील दी कि पिछले साल भी शब-ए-बरात और रमजान के मौके पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मस्जिद में नमाज पढ़ने की अनुमति दी थी। 

अब जब कि हालात सुधरे हैं और कोरोना के मामले भी घट गए हैं। अदालतें, स्कूल, क्लब, बार और बाजार खुल रहे हैं, ऐसे में मरकज को खोलने का निर्देश देने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। निजामुद्दीन मरकज में तब्लीगी जमात के सम्मेलन के बाद तेजी से फैले कोरोना मामलों के कारण महामारी रोग अधिनियम, आपदा प्रबंधन अधिनियम और विदेशी नागरिक अधिनियम समेत अन्य मामलों में कई एफआईआर दर्ज हुई थीं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed