{"_id":"612d1c58305e967d663eac48","slug":"cases-of-liver-abscess-coming-in-hospitals-problem-is-being-seen-more-in-patients-who-have-recovered-from-infection","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: अस्पतालों में आ रहे लिवर एब्सेस के मामले, संक्रमण से स्वस्थ हुए मरीजों में ज्यादा देखी जा रही है समस्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: अस्पतालों में आ रहे लिवर एब्सेस के मामले, संक्रमण से स्वस्थ हुए मरीजों में ज्यादा देखी जा रही है समस्या
Mon, 30 Aug 2021 11:28 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 30 Aug 2021 11:28 PM IST
सार
पिछले महीने अस्पताल में करीब 50 मरीज भर्ती हुए थे ,जिनको पेट से जुड़ी विभिन्न समस्याएं थी। इनमें कई मरीज ऐसे भी थे जिनको लिवर एब्सेस था।
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी के अस्पतालों में आने वाले मरीजों में लिवर एब्सेस की बीमारी देखी जा रही है। रोगियों के लिवर में पस पड़ गया और सर्जरी की नौबत तक आ रही है। कुछ महीने पहले कोरोना से ठीक हुए लोगों में यह समस्या अधिक देखी जा रही है।
डॉक्टरों के अनुसार लिवर में पस से भरा हुआ फोड़ा आमतौर पर ‘एंटअमीबा हिस्टोलिटिका’ नामक परजीवी के कारण होता है जो दूषित भोजन और पानी से फैलता है।
आकाश अस्पताल के गैस्ट्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ शरद मल्होत्रा ने बताया कि पिछले महीने अस्पताल में करीब 50 मरीज भर्ती हुए थे ,जिनको पेट से जुड़ी विभिन्न समस्याएं थी। इनमें कई मरीज ऐसे भी थे जिनको लिवर एब्सेस था।
बच्चों और युवाओं दोनों प्रकार के मरीजों में यह समस्या देखी गई। हालांकि समय पर इलाज मिलने से यह परेशानी गंभीर रूप नहीं ले रही है।
विज्ञापन
डॉक्टरों के अनुसार लिवर में पस से भरा हुआ फोड़ा आमतौर पर ‘एंटअमीबा हिस्टोलिटिका’ नामक परजीवी के कारण होता है जो दूषित भोजन और पानी से फैलता है।
आकाश अस्पताल के गैस्ट्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ शरद मल्होत्रा ने बताया कि पिछले महीने अस्पताल में करीब 50 मरीज भर्ती हुए थे ,जिनको पेट से जुड़ी विभिन्न समस्याएं थी। इनमें कई मरीज ऐसे भी थे जिनको लिवर एब्सेस था।
विज्ञापन
बच्चों और युवाओं दोनों प्रकार के मरीजों में यह समस्या देखी गई। हालांकि समय पर इलाज मिलने से यह परेशानी गंभीर रूप नहीं ले रही है।
जीटीबी अस्पताल के गैस्ट्रो विभाग के डॉ. विकास कुमार ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में ओपीडी में आने वाले मरीजों में पेट दर्द की समस्या देखी गई थी। इन मरीजों का अल्ट्रासाउंड करने पर पता चला कि इनके लीवर में पस पड़ गया है।
डॉक्टर के मुताबिक, कोरोना से स्वस्थ हुए मरीजों और सामान्य मरीजों में भी यह समस्या देखी गई है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि लोग खाने-पीने का खास ख्याल रखें और दूषित पानी न पीए।साथ ही एक स्वस्थ दिनचर्या भी बनाए।
डॉक्टर के मुताबिक, कोरोना से स्वस्थ हुए मरीजों और सामान्य मरीजों में भी यह समस्या देखी गई है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि लोग खाने-पीने का खास ख्याल रखें और दूषित पानी न पीए।साथ ही एक स्वस्थ दिनचर्या भी बनाए।