नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री हारुन यूसूफ ने दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। पार्टी कार्यालय में मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, आम आदमी पार्टी और वर्तमान भाजपा सरकार दिल्ली की बढ़ती आबादी की जरूरतों के अनुसार परिवहन सुविधा मुहैया कराने में विफल रही है।
यूसूफ ने कहा, जहां दिल्ली को 12-14 हजार बसों की जरूरत है, वहां भाजपा सरकार ने पिछले छह महीनों में केवल 400 छोटी इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी हैं, जबकि पिछले डेढ़ वर्ष में 2400 बसें सेवा से बाहर हो चुकी हैं और मार्च 2026 तक 1700 और हटाई जानी हैं। उन्होंने बताया, 2012-13 में प्रतिदिन डीटीसी बसों में 46.77 लाख लोग सफर करते थे, जो 2023-24 में घटकर 25 लाख रह गए। यूसूफ ने कहा कि 2022 की सीएजी रिपोर्ट के अनुसार, डीटीसी घाटा 60,750 करोड़ रुपये था, जो 2025 में 65,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। उन्होंने मांग की है कि भाजपा सरकार डीटीसी का कर्ज माफ कर इसे पुनः सशक्त बनाए, जैसे कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में कई बार किया गया था। वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. ओनिका मेहरोत्रा ने कहा, महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा को खत्म करने की योजना के तहत सहेली कार्ड के नाम पर आधार और दस्तावेज मांगना अनुचित है। उन्होंने पिंक बसों की मांग की।