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भगवंत मान ने सिख मर्यादाओं की बेअदबी की, इस्तीफा दें : भाजपा
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नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा ने बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सिख मर्यादाओं की बेअदबी और मामले में कथित तौर पर फर्जी जांच रिपोर्ट तैयार करवाने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और यमुनापार विकास बोर्ड के चेयरमैन अरविंदर सिंह लवली ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सिख समाज की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है।
हर्ष मल्होत्रा ने दावा किया कि कुछ समय पहले सामने आए एक वीडियो में भगवंत मान सिख मर्यादाओं का उल्लंघन करते दिखाई दिए थे। उन्होंने कहा कि इस वीडियो की जांच श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से सरकारी प्रयोगशालाओं में कराई गई थी, जिसमें मुख्यमंत्री को दोषी पाया गया। इसके बाद अकाल तख्त ने भगवंत मान के खिलाफ धार्मिक निर्देश भी जारी किए। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने बाद में एक निजी लैब से जांच करवाई और दावा किया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति भगवंत मान नहीं है। मल्होत्रा ने कहा कि हाल ही में सामने आए कुछ वीडियो और हरियाणा पुलिस के एफआईआर दर्ज करने के बाद निजी लैब के संचालक ने कथित रूप से रिपोर्ट दबाव और लालच के तहत तैयार करवाने का खुलासा किया।
मल्होत्रा ने कहा कि पूरे घटनाक्रम से मुख्यमंत्री भगवंत मान के सिख मर्यादाओं की बेअदबी करना स्पष्ट हो गया है और अब पंजाब के मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है। वहीं लवली ने कहा कि अकाल तख्त सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और उसके निर्णयों को चुनौती देने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है। ब्यूरो
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हर्ष मल्होत्रा ने दावा किया कि कुछ समय पहले सामने आए एक वीडियो में भगवंत मान सिख मर्यादाओं का उल्लंघन करते दिखाई दिए थे। उन्होंने कहा कि इस वीडियो की जांच श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से सरकारी प्रयोगशालाओं में कराई गई थी, जिसमें मुख्यमंत्री को दोषी पाया गया। इसके बाद अकाल तख्त ने भगवंत मान के खिलाफ धार्मिक निर्देश भी जारी किए। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने बाद में एक निजी लैब से जांच करवाई और दावा किया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति भगवंत मान नहीं है। मल्होत्रा ने कहा कि हाल ही में सामने आए कुछ वीडियो और हरियाणा पुलिस के एफआईआर दर्ज करने के बाद निजी लैब के संचालक ने कथित रूप से रिपोर्ट दबाव और लालच के तहत तैयार करवाने का खुलासा किया।
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मल्होत्रा ने कहा कि पूरे घटनाक्रम से मुख्यमंत्री भगवंत मान के सिख मर्यादाओं की बेअदबी करना स्पष्ट हो गया है और अब पंजाब के मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है। वहीं लवली ने कहा कि अकाल तख्त सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और उसके निर्णयों को चुनौती देने का प्रयास दुर्भाग्यपूर्ण है। ब्यूरो
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