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दिल्ली: नीरज बवाना गैंग के बदमाशों के इशारे पर प्रॉपर्टी डीलर से मांगे 20 लाख, मंडोली जेल से चल रहा रंगदारी मांगने का धंधा
Sun, 05 Dec 2021 09:16 PM IST
सुशील कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Sun, 05 Dec 2021 09:16 PM IST
सार
शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त धीरज कुमार ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों की पहचान लक्ष्मी नगर निवासी अभिषेक मशीह, दक्षिणपुरी निवासी रोहित सिंह और संगम विहार निवासी शिब्बू के रूप में हुई है।
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फोन पर मांगी रंगदारी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मंडोली जेल से बंद बदमाश के साथ मिलकर रंगदारी रैकेट चलाने का खुलासा किया है। पुलिस ने गैंग में शामिल तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। तीनों बदमाशों ने जेल में बंद नीरज बवानिया गैंग के बदमाश के इशारे पर लाजपत नगर के एक प्रॉपर्टी डीलर से 20 लाख की रंगदारी मांग रहे थे। जांच में खुलासा हुआ कि जेल में बंद बदमाश बिल्डर और कारोबारी से रंगदारी मांगने के फोन करता था और बाहर मौजूद गैंग के बदमाश पीड़ितों को धमकाते थे।
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शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त धीरज कुमार ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों की पहचान लक्ष्मी नगर निवासी अभिषेक मशीह, दक्षिणपुरी निवासी रोहित सिंह और संगम विहार निवासी शिब्बू के रूप में हुई है। ईस्ट ऑफ कैलाश निवासी जसमीत सिंह अपने पार्टनर हरपाल के साथ रियल इस्टेट का कारोबार करता है। इनका कार्यालय लाजपत नगर में है। 23 नवंबर को पुलिस को दी शिकायत में जसमीत ने बताया कि उनके पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। उन्होंने फोन काट दिया। उसी नंबर से एक मैसेज आया। जिसमें लिखा था कि 'भाई मैं नहीं अब आप खुद फोन करोगे'। उसने मैसेज को देखकर उसे अनसुना कर दिया।
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गंभीर परिणाम भुगतने की दी चेतावनी
इसी बीच 25 नवंबर को उसके कार्यालय में एक युवक पिस्टल और फोन लेकर आया। उस समय कार्यालय में हरपाल और उसका एक कर्मचारी बाला मौजूद था। उस युवक ने हरपाल को जेल से फोन करने वाले व्यक्ति से बात करने के लिए कहा। हरपाल और बाला दोनों ने उस युवक जो रोकने की कोशिश की। हाथापाई में पिस्टल गिर गई लेकिन आरोपी भागने में सफल रहा। फिर शिकायतकर्ता को अनजानी से एक व्यक्ति का फोन आया जो खुद को गैंगस्टर प्रवीण सभरवाल बताते हुए 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। पैसे नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
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चला रहा रंगदारी मांगने का रैकेट
शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्जकर कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे के कैद बदमाश की पहचान करने में जुट गई। पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद कार्यालय में आए बदमाश अभिषेक मसीह का लक्ष्मी नगर से गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि वह रोहित सिंह के साथ कार्यालय गया था। पुलिस ने दक्षिणपुरी निवासी रोहित को शेख सराय से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से पिस्टल और मोबाइल फोन बरामद कर लिया। बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि हत्या के मामले में बंद आकाश ने अभिषेक को रंगदारी मांगने का निर्देश दिया था। उसने बताया कि आकाश जेल में बंद नीरज बवानिया गैंग के एक लाख के इनामी बदमाश प्रवीण सभरवाल के साथ मिलकर रंगदारी मांगने का रैकेट चला रहा है।
और भी हो सकती है गिरफ्तारी
पुलिस ने यह भी पता चला कि आकाश ने संगम विहार के शिब्बू को बदमाशों को हथियार सप्लाई के लिए कहा था। पुलिस ने पेशे से ऑटो चालक शिब्बू को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बदमाशों के बयान और तकनीकी जांच के जरिए जेल में बंद बदमाशों और जेलकर्मियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है और जल्द ही इस मामले में और भी गिरफ्तारी हो सकती है।
दो माह पहले ही जेल से निकला था बदमाश
जांच में पता चला कि अभिषेक अक्तूबर माह में ही जेल से जमानत पर बाहर आया। उसपर वाहन चोरी, लूटपाट और झपटमारी के 40 मामले दर्ज हैं। वहीं रोहित पर गैंगरेप के अलावा दो चोरी का मामला दर्ज है। वह साकेत स्थित मैक्स अस्पताल के पास निजी एंबुलेंस चलाता है। वहीं शिब्बू लूटपाट के एक मामले में शामिल है और पेशे से ऑटो चालक है। वह जेल में बंद आकाश के संपर्क में रहता है।