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बाटला हाउस एनकाउंटर: इंस्पेक्टर मोहन शर्मा की हत्या से लेकर आतंकी आरिज को दोषी करार तक, जानें कब क्या हुआ?

Mon, 08 Mar 2021 09:39 PM IST
सुशील कुमार कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Mon, 08 Mar 2021 09:39 PM IST
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batla house encounter timeline terrorist ariz khan convicted read whole story with time to time
बाटला हाउस केस (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
बाटला हाउस एनकाउंटर मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने सोमवार को इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी आरिज खान को दोषी करार दिया। उसकी सजा पर फैसला 15 मार्च को आएगा। आरिज खान को बाटला हाउस एनकाउंटर में जान गंवाने वाले इंस्पेक्टर मोहन शर्मा की हत्या के लिए दोषी करार दिया गया है। 
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अदालत ने आरिज खान को आर्म्स एक्ट और भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 307 के तहत दोषी करार दिया है। 2008 में हुए बाटला हाउस एनकाउंटर केस के बाद से ही आरिज फरार था और 2018 में नेपाल से गिरफ्तार किया गया। 
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आरिज खान उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के मूल निवासी है। वह दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश में 2008 के सिलसिलेवार विस्फोटों का मास्टरमाइंड है। जिसमें 165 लोगों की जान चली गई और 500 लोग घायल हो गए थे।
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जानें पूरा घटनाक्रम

19 सितंबर, 2008
दिल्ली के जामिया नगर इलाके के बाटला हाउस में एल-18 में एक मुठभेड़ हुई थी। सीरियल ब्लास्ट में 30 लोगों की मौत हो चुकी थी। ब्लास्ट के छह दिन बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और इंडियन मुजाहिदीन के गुर्गे के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा को तीन गोलियां लग गईं। अस्पताल में उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अरिज खान, शहजाद और जुनैद बच निकले। दो संदिग्ध आतंकवादी आतिफ अमीन और मोहम्मद साजिद गोलीबारी में मारे गए और एक संदिग्ध इंडियन मुजाहिदीन के गुर्गे मोहम्मद सैफ ने आत्मसमर्पण कर दिया। 


1 जनवरी, 2010
शहजाद को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से गिरफ्तार किया गया।

अप्रैल 2010
दिल्ली की एक अदालत में इस मामले में चार्जशीट दाखिल की गई। जिसमें कहा गया कि 13 सितंबर 2008 को हुई मुठभेड़ करोल बाग, कनॉट प्लेस, ग्रेटर कैलाश और इंडिया गेट पर हुए सीरियल ब्लास्ट की जांच का हिस्सा थी। जुनैद को अपराधी घोषित किया गया।

15 फरवरी, 2011
कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या, हत्या के प्रयास, षड्यंत्र और विभिन्न अन्य धाराओं के लिए शहजाद के खिलाफ आरोप तय किए।

20 जुलाई, 2013
अदालत ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था। 

25 जुलाई, 2013
अदालत ने शहजाद को इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की हत्या और अन्य पुलिस अधिकारियों पर जानलेवा हमला करने के लिए दोषी ठहराया।

30 जुलाई 2013
कोर्ट ने शहजाद को उम्रकैद की सजा सुनाई।

13 फरवरी, 2018
आतंकी आरिज खान को भारत और नेपाल के बीच बनबसा सीमा पर गिरफ्तार किया गया था। 2008 में फरार होने के बाद वह नेपाल में भेष बदलकर रह रहा था। 

8 मार्च 2021
दिल्ली की साकेत कोर्ट ने इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी आरिज खान को दोषी करार दिया है। उसकी सजा पर फैसला 15 मार्च को आएगा।
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