फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Ban on order of compulsory attendance in national coaching camp

टेबल टेनिस : राष्ट्रीय कोचिंग शिविर में अनिवार्य उपस्थिति के आदेश पर रोक

Fri, 24 Sep 2021 12:44 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 24 Sep 2021 12:44 AM IST
विज्ञापन
Ban on order of compulsory attendance in national coaching camp
नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने किसी भी आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चुने जाने के लिए राष्ट्रीय कोचिंग शिविर में अनिवार्य उपस्थिति पर टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीटीएफआई) के आदेश पर रोक लगा दी। अदालत ने केंद्र को खेल निकाय के खिलाफ मनिका बत्रा की शिकायत की जांच करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन

न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा यदि जरूरत पड़ी तो केंद्रीय खेल मंत्रालय टीटीएफआई के मामलों को भी देख सकता है। अदालत मनिका बत्रा की याचिका पर सुनवाई कर रही है। बत्रा को आगामी एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप के लिए भारतीय दल से बाहर कर दिया गया था। याची ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय कोच सौम्यदीप रॉय ने उन पर ओलंपिक क्वालीफायर मैच को अपनी निजी प्रशिक्षु के पक्ष में करने के लिए दबाव बनाया।
विज्ञापन

अदालत ने कहा राष्ट्रीय शिविर में उपस्थिति को अनिवार्य करने वाला नियम ऐसे समय पर लागू किया गया है जब राष्ट्रीय कोच के खिलाफ शिकायत लंबित थी। अदालत ने आरोपों की जांच के लिए महासंघ द्वारा गठित समिति के रवैये पर भी नाराजगी व्यक्त की।
विज्ञापन
विज्ञापन

अदालत ने स्पष्ट किया कि अवमानना का नोटिस जारी किया जाएगा। अदालत ने उन्हें जांच के लिए किसी अन्य व्यक्ति तो नियुक्त करने का निर्देश देते हुए कहा कि अदालत के आदेश को न मानना चौंकाने वाला है।
अदालत ने कहा याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप की खेल मंत्रालय जांच करे। उनका मानना है कि फेडरेशन को ऐसे में अपने नियम को जारी रखने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। अदालत ने खेल मंत्रालय को जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर वह मुद्दों को देखने के लिए किसी समिति की नियुक्ति नहीं कर रही। उन्होंने केंद्र को चार सप्ताह में जांच रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 28 अक्तूबर तय की है।
बत्रा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन दत्ता ने कहा कि उनकी मुवक्किल आगामी एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप में भाग लेने की इच्छुक है। कुछ टूर्नामेंट 24 अक्तूबर से शुरू हो रहे हैं और विश्व चैंपियनशिप नवंबर में है।

केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिविर में अनिवार्य रूप से भाग लेने पर महासंघ का नियम खेल संहिता के तहत है। उन्होंने बताया कि केंद्र एथलीट के आरोपों की जांच शुरू करेगा।
वहीं टीटीएफआई की ओर से पेश अधिवक्ता हृषिकेश बरुआ ने नियम का बचाव किया और कहा कि ऐसा नियम अन्य खेलों के साथ-साथ भारोत्तोलन और जूडो में भी मौजूद था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed