अयोध्या भूमि विवाद: संजय सिंह बोले- राम भक्तों के चंदे में चोरी करने की नीयत से ही खरीदी गई जमीन
आप सांसद ने आरोप लगाते हुए कहा कि ये जमीन राम भक्तों के चंदे में चोरी करने की नीयत से ही खरीदी गई है। आगे कहा कि इस जमीन को खरीदने के बाद अयोध्या के बीजेपी मेयर ऋषिकेश उपाध्याय ने अपने भतीजे के नाम पर 1.9 करोड़ की जमीन खरीदी है।
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आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक बार फिर राम मंदिर के लिए जमीन खरीदने में भ्रष्टाचार होने का आरोप दोहराया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन राम जन्मभूमि परिसर से ढाई से तीन किलोमीटर दूर है, जो अमरूद का एक बाग है। कहा कि ये जमीन राम भक्तों के चंदे में चोरी करने की नीयत से ही खरीदी गई है। इस जमीन को खरीदने के बाद अयोध्या के बीजेपी मेयर ऋषिकेश उपाध्याय ने अपने भतीजे के नाम पर 1.9 करोड़ की जमीन खरीदी है।
उन्होंने कहा कि मंदिर के लिए 12080 वर्ग मीटर जमीन 18.50 करोड़ रुपये में खरीदी गई, जबकि उसके बगल में 10370 वर्ग मीटर जमीन सिर्फ 8 करोड़ रुपये में खरीदी है। इससे साफ पता चलता है कि जमीन की खरीद में भ्रष्टाचार किया गया है। अगर 8 करोड़ में 10370 वर्ग मीटर जमीन खरीदने के रेट को सही मान लें तो भी 18.50 करोड रुपये में करीब 26000 वर्ग मीटर जमीन खरीदी जा सकती थी, जबकि 18.50 करोड़ में सिर्फ 12080 वर्ग मीटर जमीन ही खरीदी।ये ज़मीन राम जन्मभूमि परिसर से 2.5-3 KM दूर है, जो अमरूद का एक बाग है।
ये जमीन राम भक्तों के चंदे में चोरी करने की नीयत से ही खरीदी गई।
इस जमीन के खरीदने के बाद अयोध्या के BJP Mayor ऋषिकेश उपाध्याय ने अपने भतीजे के नाम पर 1.9 करोड़ की जमीन खरीदी- @SanjayAzadSln#ChandaChorBJP pic.twitter.com/4OvwCJAvku— AAP (@AamAadmiParty) June 17, 2021विज्ञापन
उन्होंने कहा कि राम जन्म भूमि ट्रस्ट, भाजपा और विश्व हिन्दू परिषद जिस एग्रीमेंट का बार-बार जिक्र कर रहे थे वह 18 मार्च को कैंसिल हो गया था, उसमें रवी मोहन तिवारी का नाम नहीं था तो फिर बहनामे में उनका नाम क्यों शामिल कराया गया? उन्होंने कहा कि भाजपा के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और रवि मोहन तिवारी रिश्तेदार हैं। रवि मोहन तिवारी का नाम एग्रीमेंट में इसलिए डाला गया ताकि इनके खाते में रुपये डाल कर करोड़ों रुपये की बंदरबांट की जा सके।
मेयर ऋषिकेश उपाध्याय ने 7 जून को भतीजे दीप नारायण उपाध्याय के नाम पर महेंद्र नाथ मिश्रा से 1.90 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी। इसके आय के स्रोतों की जांच होनी चाहिए। सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी के खातों की जांच होनी चाहिए कि उनके खाते में जो 17 करोड़ गए तो वह कहां गए।
संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 50 लाख रुपये से ज्यादा की कोई खरीद अगर रजिस्ट्री विभाग में होती है इनकम टैक्स विभाग को इसकी सूचना दी जाती है, जबकि 18.50 करोड़, 8 करोड़ और दो करोड़ रुपये की जमीन खरीदने के मामले में ऐसा क्यों नहीं हुआ? प्रभु श्री राम का मंदिर इसलिए नहीं बन पा रहा है, क्योंकि घोटाला और भ्रष्टाचार किया जा रहा है। भाजपा और राम जन्म भूमि ट्रस्ट के लोगों ने प्रभु श्री राम मंदिर के पैसे को खा लिया है।
गरीबों ने अपना पेट काटकर प्रभु श्री राम की मंदिर के लिए चंदा दिया है। उस चंदे के पैसे के एक-एक रुपये का सदुपयोग होना चाहिए। जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद, रामलला मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास, निर्मोही अखाड़े के स्वामी अवमुक्तेश्वानंद का बयान आया कि वो भी इस भ्रष्टाचार की घटना से आहत हैं, क्या ये सब प्रभू श्री राम के खिलाफ हैं?
भाजपा के नेताओं को करोड़ों हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि देश के करोड़ों राम भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। प्रभु श्री राम के मंदिर में घोटाला और भ्रष्टाचार हुआ है। भाजपा के नेता और राम जन्म भूमि ट्रस्ट के लोगों ने मिलकर प्रभु श्री राम के मंदिर का पैसा खा लिया है। भाजपा के नेताओं को देश और दुनिया के करोड़ों हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए। यह 16.50 करोड़ रुपये इन बेईमानों से वापस लेना चाहिए, क्योंकि इस देश के करोड़ों लोगों की गाढ़ी कमाई का पैसा है और इन बेईमानों को पकड़कर जेल में डालना चाहिए।