Delhi: डीयू के 12 कॉलेजों के लिए 100 करोड़ का फंड जारी, आतिशी बोलीं- बजट तीन गुना से ज्यादा बढ़ा
दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने जानकारी देते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार डीयू के 12 कॉलेजों को 100 करोड़ रुपये का फंड दे रही है।
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दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध व दिल्ली सरकार से सौ फीसदी वित्त पोषित 12 कॉलेजों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली सरकार ने इन 12 कॉलेजों के लिए दूसरी तिमाही में भी 100 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इससे पहले अप्रैल में भी इतनी ही राशि जारी की गई थी। वहीं इन कॉलेजों में वित्तीय कुप्रबंधन के मामले सामने आने पर कॉलेजों का ऑडिट किया जा रहा है। अनियमितता पाए जाने पर प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
#WATCH | Delhi's Education Minister Atishi says, "...12-Delhi govt-funded colleges play an important role in Delhi's higher education. Funds given to these 12 colleges have increased by three times in 8 years. In 2023-24, this stands at Rs 400 Crores. These colleges faced several… pic.twitter.com/wUscFWWvp8
— ANI (@ANI) June 28, 2023विज्ञापन
आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि साल 2023-24 में यह 400 करोड़ रुपये है। ये कॉलेज बीते कई सालों से कई तरह की समस्याओं से जुझ रहे हैं। लेकिन दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने फैसला किया है कि शिक्षक और छात्र वित्त कुप्रबंधन की समस्या से नहीं गुजरेंगे। दिल्ली सरकार दिल्ली यूनिवर्सिटी के इन 12 कॉलेजों के लिए 100 करोड़ रुपये का फंड रिलीज कर रही है।
उच्च शिक्षा मंत्री आतिशी ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के आने के बाद से इन कॉलेजों को दिए जाने वाले बजट में तीन गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। यह सरकार की शिक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है। उच्च शिक्षा में दिल्ली सरकार द्वारा पूर्णत: वित्तपोषित 12 दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 2014-15 में इन कॉलेजों को 132 करोड़ रुपये आवंटित किये गए थे, अब 2023-24 में आवंटन की राशि तीन गुणा बढ़कर 400 करोड़ हो गई है। इनमें कुछ कॉलेजों का ऑडिट चल रहा है बावजूद शिक्षकों के हित को देखते हुए उनके स्वास्थ्य लाभ, पेंशन लाभ के लिए 100 करोड़ रुपये का फंड जारी किया है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि इन कॉलेजों को वर्ष 2015-16 में 147 करोड़ रुपये, वर्ष 2016-17 में 156 करोड़ रुपये, वर्ष 2017-18 में 171 करोड़ रुपये, वर्ष 2018-19 में 213 करोड़ रूपये, वर्ष 2019-20 में 235 करोड़ रूपये, वर्ष 2020-21 में 265 करोड़ रूपये, वर्ष 2021-22 में 308 करोड़ रूपये, वर्ष 2022-23 में 361 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जा चुकी है।