Anti Sikh Riots: कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ समन जारी, कोर्ट ने कहा- पांच अगस्त को हाजिर हों...
दिल्ली कोर्ट ने कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ समन जारी कर तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि पेश दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के सबूत हैं।
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अदालत ने नवंबर 84 दंगो के एक मामले में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ समन जारी कर तलब किया है। अदालत ने कहा कि पेश दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के साक्ष्य है। 1984 में पुल बंगश इलाके में हुई हत्याओं के मामले में सीबीआई द्वारा एक पूरक आरोपपत्र दायर किया गया है। राउज एवेन्यू अदालत स्थित अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) विधि गुप्ता आनंद ने सीबीआई द्वारा दायर पूरक आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए टाइटलर को 5 अगस्त को अदालत के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है।
सरकारी वकील की दलीलों के बाद समन जारी
सीबीआई के सरकारी वकील ने अदालत को जानकारी दी और कहा कि संज्ञान लेने के लिए पर्याप्त सबूत हैं और आरोपी को समन जारी किया जाए। सीबीआई अभियोजक ने कहा कि ऐसे गवाह हैं जिन्होंने टाइटलर को दंगे में भीड़ को उकसाते हुए देखा था। उन्होंने यह भी कहा कि एक अन्य गवाह ने भी टाइटलर को दंगों के दौरान भीड़ को उकसाते हुए देखा था। सीबीआई ने कहा कि आरोपी के खिलाफ 153 ए (धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) 295 और 302 और दंगों से संबंधित अपराध बनते हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी सुरेंद्र सिंह ने एक बयान दिया है 2008-09 में समाप्त हो गया। मामले में 164 सीआरपीसी के तहत दो बयान हुए हैं। सीबीआई अभियोजक ने कहा कि इस सामग्री के आधार पर आरोपियों को समन जारी किया जा सकता है।
39 साल से पीड़ित कर रहे न्याय का इंतजार
सुनवाई के दौरान दंगा पीड़ितों के वरिष्ठ वकील एचएस फुल्का ने कहा था कि यह नरसंहार का मामला है और पीड़ित पिछले 39 वर्षों से न्याय का इंतजार कर रहे हैं। इस मामले में सबूत हमेशा मौजूद थे। हमें खुशी है कि सीबीआई अब सही रास्ते पर है, फुल्का ने अदालत के समक्ष कहा था। सीबीआई ने हाल ही में पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ एक पूरक आरोप पत्र दायर किया है। यह मामला आरोप पत्र पर विचार के चरण में है।
जानें क्या हुआ था उस दिन
दिल्ली के आज़ाद मार्केट में गुरुद्वारा पुल बंगश में भीड़ द्वारा गुरुद्वारा पुल बंगश को जला दिया गया और तीन सिख व्यक्तियों की हत्या कर दी गई, इसके अलावा दुकानों को जला दिया गया और लूटपाट की गई।