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अमर उजाला एक्सक्लूसिव: रेकी कर लालकिले पर फहराया गया था धार्मिक झंडा, अलग ग्रुप ने दिया था इस काम को अंजाम
Wed, 24 Feb 2021 07:15 AM IST
Vikas Kumar
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 24 Feb 2021 07:15 AM IST
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लाल किले की गुंबद पर फहराया गया धार्मिक झंडा
- फोटो : पीटीआई
लालकिले की प्राचीर पर निशांत साहिब (धार्मिक झंडा) बहुत की सोची समझी साजिश व रेकी कर फहराया गया था। लालकिले पर हिंसा भी साजिश के तहत की गई थी। लालकिले की प्राचीर पर झंडा फहराने के लिए कई बार रैकी गई थी। धार्मिक झंडा फहराने का काम एक अलग ही ग्रुप ने किया था।
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इस ग्रुप में पंजाब के अभिनेता दीप सिद्धू, इकबाल सिंह व फरार इनामी आरोपी गुरजीत और गुरजंत आदि शामिल हैं। इस ग्रुप में 100 से ज्यादा लोग शामिल थे। सभी व्हाट्सएप व सोशल मीडिया के जरिए जुड़े हुए थे। लालकिले पर धार्मिक झंडा पहनाकर सांकेतिक रूप से फतेह दिवस मनाया गया था। आरोपियों का कहना था कि उनको लगा कि उन्होंने लालकिला फतेह कर लिया है।
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दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) प्रवीर रंजन ने बताया कि लालकिले पर निशांत साहिब फहराने की वारदात को बहुत ही सोची समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया था। इसके लिए लालकिले की तीन से चार बार रैकी की गई थी।
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उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन के नाम पर लालकिले पर झंडा फहराने की साजिश दिसंबर महीने में ही रची गई थी। साजिश के तहत होशियारपुर, पंजाब से गिरफ्तार आरोपी इकबाल सिंह 25 फरवरी को ही सिंघु बॉर्डर से नई दिल्ली में आ गया था। वह अन्य आरोपियों के साथ शीशगंज गुरुद्वारे में रूका था। अगले दिन वह साथियों के साथ लालकिले में ही पहुंच गया था। ये देखते हुए दिल्ली पुलिस ने शीशगंज गुरुद्वारे की सुरक्षा भी बढ़ाई गई थी।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लालकिले की रैकी इकबाल सिंह ने ही की थी। वह लालकिले पर दिसंबर व जनवरी से में तीन से चार बार गया था। साजिश के तहत ही आरोपी एक साथ ही लालकिले पर चढ़े थे। लालकिले की प्राचीर, गुबंद व अन्य जगहों पर धार्मिक झंडा फहराया गया था। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने धार्मिक झंडा फहराकर गणतंत्र दिवस वाले दिन सांकेतिक रूप से फतेह दिवस मनाया गया था। आरोपियों ने मुगलकालीन भारत में मनाए गए फतेह दिवस की पुनरावृति की थी।