अलर्ट : कोरोना में कमी के बाद अब वायरल की गिरफ्त में दिल्ली, डॉक्टर्स ने कहा ध्यान रखें
- कोरोना के बाद अब वायरल के मरीज बढ़े
- अधिकतर लोगों को तेज बुखार, उल्टी-दस्त, कमजोरी और सिर दर्द की शिकायत
- डॉक्टरों ने कहा, बारिश के मौसम में खास ध्यान रखने की जरूरत
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विस्तार
पिछले दो सप्ताह से अस्पतालों में तेज बुखार, उल्टी-दस्त, कमजोरी से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्थिति यह है कि ओपीडी में आने वाला हर पांचवें व्यक्ति को वायरल की शिकायत है। कई मामले ऐसे भी आ रहे हैं जहां पूरा परिवार ही बुखार की चपेट में है। डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के मौसम में इन बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को खास ख्याल रखना चाहिए। इस समय सबसे जरूरी है कि खानपान पर ध्यान दिया जाए। अगर बुखार महसूस हो रहा है तो तुरंत चिकित्सकों की सलाह लेनी चाहिए।
लोकनायक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर सुरेश कुमार का कहना है कि पिछले करीब दो सप्ताह से ओपीडी में आने वाले अधिकतर मरीज वायरल से पीड़ित मिल रहे हैं। वहीं, कई लोगों में टायफाइड भी मिला है। डॉक्टर ने कहा कि इस मौसम में खांसी, बुखार, जुकाम, वायरल जैसी बीमारियां बढ़ जाती है। हर साल ऐसे मामले अस्पताल में आते ही हैं। इस साल मरीजों की बढ़ती संख्या पर उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद अधिकतर लोग स्वास्थ्य को लेकर सतर्क हो गए हैं। अब किसी व्यक्ति को बुखार भी आता है तो वह सभी जांच कराता है। ज्यादा जांच होने से ही अधिक मामलों का पता चल रहा है।
एम्स के क्रिटिकल केयर विभाग के डॉक्टर युद्धवीर सिंह बताते हैं कि दिल्ली में कोरोना के मरीज कम हो गए हैं, लेकिन मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के चलते अचानक से अस्पतालों में वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इसका कारण यह है कि इस मौसम में विभिन्न प्रकार के वायरस ज्यादा समय तक जिंदा रहते हैं जो आसानी से लोगों को अपनी चपेट में ले लेते हैं। लोगों को सलाह है कि खुद से घरों में इलाज न करें। डॉक्टरों की सलाह के हिसाब से दवाएं लें। बुखार व अन्य लक्षण होने पर खुद को आइसोलेट रखें। डॉक्टर की सलाह लेकर जांच कराएं और उनकी सलाह पर इलाज लें। उन्होंने कहा कि डेंगू और स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं ऐसे में बेहद सतर्क होने की जरूरत है।
वायरल फीवर और कोरोना के लक्षण
मौसम में बदलाव के कारण हमारे शरीर में वायरल फीवर (बुखार) के लक्षण दिखने लगते हैं। थकान, खांसी, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, सिर दर्द और ठंड लगने जैसे लक्षणों से वायरल फीवर को पहचाना जा सकता है। ये वायरल समस्याएं भी वायरस की वजह से ही होती हैं, लेकिन कोरोना के कुछ और भी सामान्य लक्षण हैं, जिससे उनकी पहचान की जा सकती है।
कोरोना के लक्षण
बुखार, सर्दी-खांसी, गले में खराश, थकान और ठंड लगने लक्षण कोरोना के भी हो सकते हैं, लेकिन इसके और भी कई सामान्य लक्षण हैं, जिसमें सूखी खांसी, स्वाद और गंध महसूस न होना, त्वचा पर चकते होना, डायरिया आदि शामिल हैं। इन लक्षणों से कोरोना की पहचान की जा सकती है।
स्वाइन फ्लू के मामले भी बढ़ रहे
राजधानी में स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है। कई मरीजों ने कोरोना संक्रमण के डर के चक्कर में अस्पताल जाकर जांच कराई तो उनकी कोविड़ रिपोर्ट तो निगेटिव आयी लेकिन स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो गई। दरअसल, कोरोना में बुखार आता है और बाकी इन बीमारियों में भी बुखार आता है। इसलिए, लोग कोविड के डर से जांच करा रहे हैं और उनमें फ्लू निकल रहा है।
इन बातों का रखें ध्यान
- अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें
- खान-पान का विशेष ख्याल रखें
- सुबह-शाम व्यायाम करें
- बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह से दवाई ले
तीन बड़े सरकारी अस्पतालों में कोरोना के सिर्फ आठ मरीज
कोरोना से बेहतर होते हालातों के बीच अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या घट रही है। दिल्ली के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों में कोरोना के अब केवल आठ मरीज ही भर्ती हैं। इनमें राजीव गांधी सुपरस्पेशयलिटी और जीटीबी अस्पताल में कोई मरीज नहीं है। जबकि, लोकनायक अस्पताल में भी अब केवल आठ रोगी ही हैं।
राजधानी में अप्रैल के दौरान 19,243 मरीज अस्पतालों में भर्ती थे। अब यह संख्या सिर्फ 217 रह गई है। लिहाजा, चार माह में 19 हजार से ज्यादा रोगी कम हो गए हैं। लोकनायक अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, अस्पताल में कोरोना के सिर्फ आठ मरीज भर्ती हैं। इनमें पांच आईसीयू में है वहीं अन्य तीन वार्ड में भर्ती है। राजीव गांधी और जीटीबी अस्पताल में अब एक भी मरीज नहीं है।
केंद्र सरकार के अस्पतालों की बात करें तो राम मनोहर लोहिया( आरएमएल ) अस्पताल में 20, एम्स ट्रामा सेंटर में आठ, सफदरजंग अस्पताल में दो ही रोगी भर्ती हैं। इस समय अस्पतालों मे जिन 217 रोगियों का इलाज चल रहा है। उनमें से 79 आईसीयू में 49 वेंटिलेटर पर और 89 ऑक्सीजन बेड पर भर्ती हैं।