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दिल्ली: एम्स के विशेषज्ञ बोले- कोरोना के खिलाफ जंग में गेम चेंजर साबित होगी नेजल वैक्सीन, कई अस्पतालों में शुरू होगा ट्रायल
Sun, 30 Jan 2022 10:57 PM IST
सुशील कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Sun, 30 Jan 2022 10:57 PM IST
सार
डॉ. संजय ने रविवार को बताया कि अगर यह म्यूकोसल इम्युनिटी प्रदान करती है तो यह गेम चेंजर साबित हो सकती है। यह मानव जाति के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
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कोरोना वैक्सीन
- फोटो : iStock
विस्तार
भारत बायोटेक को नाक से दी जाने वाली नेजल वैक्सीन की 'बूस्टर खुराक' के परीक्षण की इजाजत मिलने के बाद दिल्ली एम्स के वरिष्ठ महामारी विज्ञानी डॉ. संजय राय ने बताया कि कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में यह गेम चेंजर साबित होगी।
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डॉ. संजय ने रविवार को बताया कि अगर यह म्यूकोसल इम्युनिटी प्रदान करती है तो यह गेम चेंजर साबित हो सकती है। यह मानव जाति के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। दुनिया भर में 33 टीके हैं, लेकिन संक्रमण को रोकने में कोई भी प्रभावी नहीं है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि यह टीका म्यूकोसल प्रतिरक्षा प्रदान करेगी जो इस संक्रमण को रोक सकती है।
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इसके लिए दिल्ली एम्स समेत देश के नौ अस्पतालों में बूस्टर खुराक के लिए नेजल वैक्सीन (नाक से दिया जाने वाला टीका) पर परीक्षण शुरू होगा। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने शुक्रवार को हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी को नाक से दी जाने वाले टीके के तीसरे परीक्षण की अनुमति दी है। इसके अब तक दो चरण के क्लीनिकल ट्रायल पूरे हो चुके हैं।
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डीसीजीआई की हरी झंडी के बाद भारत बायोटेक जल्द ही तीसरे चरण का परीक्षण शुरू करेगी, जिसमें बूस्टर खुराक को भी जोड़ा गया है। बूस्टर खुराक के परीक्षण में कंपनी उन लोगों को शामिल करेगी, जिन्हें कोवाक्सिन की दो खुराक पहले मिल चुकी हों और टीकाकरण पूरा हुए कम से कम छह माह की अवधि पूरी हुई हो।
डीसीजीआई के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, भारत बायोटेक ने कोरोना वायरस को निष्क्रिय करने के बाद जिस स्वदेशी कोवाक्सिन को तैयार किया था उसी को नई तकनीक के साथ जोड़कर नाक से दिया जाने वाला टीका तैयार किया है। इसके अभी तक सामने आए परीक्षण परिणाम संतोषजनक हैं जिनके आधार पर एसईसी कमेटी ने तीसरे परीक्षण की अनुमति देने की सिफारिश की थी।