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Hindi News ›   Delhi ›   After 46 years, buses will run for London again, visit 18 countries in 70 days

सात समंदर पार : 46 साल बाद फिर लंदन के लिए दौड़ेंगी बसें, कीजिए 70 दिन में 18 देशों की सैर

Fri, 11 Feb 2022 03:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा सर्वेश कुमार, नई दिल्ली
सर्वेश कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 11 Feb 2022 03:44 AM IST
सार

उम्मीद है कि इसी साल सितंबर में पहली बस अपनी मंजिल के लिए रवाना हो जाएगी। इसके करीब 15 लाख के पैकेज में सफर का टिकट, वीजा और अलग-अलग देशों में ठहरने की सुविधा सरीखी सभी सेवाएं शामिल हैं।

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After 46 years, buses will run for London again, visit 18 countries in 70 days
दिल्ली टू लंदन बस - फोटो : self

विस्तार

अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त लक्जरी बस में जल्द ही आप दिल्ली से लंदन तक का सफर कर सकेंगे। भारत-म्यांमार सीमा पर आवाजाही सामान्य होने के साथ इसे चालू कर दिया जाएगा। उम्मीद है कि इसी साल सितंबर में पहली बस अपनी मंजिल के लिए रवाना हो जाएगी। इसके संभव होने से 46 साल बाद यह दूसरा मौका होगा, जब लोगों को दिल्ली से लंदन के लिए बस सेवा का लुत्फ उठाने का मौका मिलेगा। इसके करीब 15 लाख के पैकेज में सफर का टिकट, वीजा और अलग-अलग देशों में ठहरने की सुविधा सरीखी सभी सेवाएं शामिल हैं।

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दरअसल, एक ब्रिटिश कंपनी ने 1957 में वाया दिल्ली लंदन-कोलकाता के बीच बस सेवा की शुरुआत की थी। कुछ वर्ष बाद बस के दुर्घटनाग्रस्त होने पर एक ब्रिटिश यात्री ने डबल डेकर बस बनाकर, दोबारा सिडनी-भारत-लंदन के बीच बस सेवा शुरू की जो 1976 तक चलती रही। उस वक्त ईरान के अंदरूनी हालात और भारत-पाकिस्तान के बीच के तनाव की स्थिति को देखते हुए बंद कर दिया गया।
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एक बार फिर भारत की एक निजी कंपनी इस दिशा में काम कर रही है। जिस वजह से पुरानी बस सेवा बंद हुई थी, उससे बचने के लिए बस का पुराना रूट बदल दिया गया है। पाकिस्तान व अफगानिस्तान की जगह अब इसे म्यांमार, थाईलैंड, चीन, किर्गिस्तान होने हुए फ्रांस तक ले जाएगा। इंग्लिश चैनल पार करने के लिए क्रूज का सहारा लिया जाएगा। एडवेंचर्स ओवरलैंड की ओर से ‘बस टू लंदन’ की पहल के तहत 70 दिनों में करीब 20 हजार किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 18 देशों का भी सफर कर सकते हैं।
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छोटी गाड़ियों से तीन साल तक कंपनी ने किया है रूट का ट्रायल : कंपनी ने 2017 से 2019 के बीच छोटे व लक्जरी वाहनों के साथ रूट का ट्रायल भी किया है। वह सफल रही थी। लेकिन कोरोना महामारी के कारण पिछले करीब दो साल से प्रगति नहीं हो सकी। हालाता सामान्य होने के क्रम में जल्द बस सेवा की शुरुआत की योजना है।

दो घंटे में इंग्निश चैनल पार करेगी बस
फ्रांस और लंदन के बीच फेरी सेवा के जरिये बस को फ्रांस के कैले से यूके के डोवर तक ले जाया जाएगा। इसे पार करने में करीब दो घंटे का वक्त लगेगा। इसके बाद बस में सवार यात्री लंदन के लिए रवाना होंगे।

20 सीटों वाली बस में होंगी कई अत्याधुनिक सेवाएं
 पुरानी बस की तरह नई बस में भी 20 सीट की होगी। हर यात्री के लिए अलग से केबिन होगा। इसमें खाने-पीने से लेकर सोने तक की सुविधाएं होंगी। इस बस में सफर करने वालों के लिए वीजा सहित सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ यात्रा का मौका मिलेगा।

दिल्ली से कोलकाता फिर म्यांमार
दिल्ली से वाया कोलकाता बस म्यांमार पहुंचेगी। इसके बाद थाईलैंड, लाओस, चीन, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, रूस, लतविया , लिथुआनिया, पोलैंड, चेक गणराज्य, जर्मनी, नीदरलैंड, बेल्जियम, फ्रांस के बाद लंदन पहुंचेगी। इससे पहले 15 अप्रैल, 1957 को लंदन से 20 यात्रियों के साथ कोलकाता के लिए बस रवाना होकर 5 जून को कोलकाता पहुंची। यह बस दो अगस्त, 1957 को लंदन लौटी। भारत पहुंचने से पहले फ्रांस, इटली, यूगोस्लाविया, बुल्गारिया, तुर्की, ईरान और पाकिस्तान से होकर गुजरी। कुछ समय बाद बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। बाद में इसे एक ब्रिटिश यात्री एंडी स्टीवर्ट ने खरीद लिया। इसे डबल-डेकर का रूप दिया गया। वहीं, सिडनी तक रूट का विस्तार भी किया गया। 8 अक्तूबर, 1968 को सिडनी से लंदन तक भारत के रास्ते इसी से यात्रा की गई। बस को लंदन पहुंचने में करीब 132 दिन लगे थे।

बस में मिलेगा कई देशों के भ्रमण का मौका
परिवहन क्षेत्र के विशेषज्ञ पीके सरकार के मुताबिक पहले कोलकाता से लंदन के लिए बस सेवा थी। दोबारा शुरू होने से यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। इससे यात्रियों को लंदन सहित कई और देशों में भ्रमण का मौका मिलेगा। रास्ते में इंग्लिश चैनल को पार करने के लिए क्रूज की सुविधा है। इस बस सेवा की शुरुआत से खासतौर पर पर्यटकों को काफी मौका मिलेगा।


हम पुराने इतिहास को दोहराना चाहते हैं। कोविड की पाबंदियों की वजह से अभी म्यांमार व चीन की सीमाओं पर आवाजाही सामान्य नहीं है। इसके खुलने का इंतजार है। अगर अगस्त तक सीमा पर आवाजाही सामान्य होती है तो सितंबर तक बस सेवा शुरू हो जाएगी।  
- संजय मदान, सह-संस्थापक

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