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तकनीक का कमाल : 10 साल बाद पैरों पर खड़ा हो सका मरीज, डॉक्टरों ने की एलवीए माइक्रो सर्जरी
Thu, 24 Mar 2022 06:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 24 Mar 2022 06:39 AM IST
सार
डॉ. मनोज जौहर के अनुसार, अत्यधिक विशिष्ट और सुपरफाइन माइक्रो सर्जरी, लिम्फो-वेनस एनास्टोमोसिस (एलवीए), लिम्फेडेमा के इलाज के लिए अपनी तरह का एक अनूठा उपचार है, जो कैंसर सर्जरी या फाइलेरिया के रोगियों में आघात के कारण हो सकता है।
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इलाज से पहले और बाद में...
- फोटो : amar ujala
विस्तार
दिल्ली के 40 वर्षीय अमित कुमार ने एक दशक पहले बाएं पैर के आघात के बाद चलने की उम्मीद खो दी थी, लेकिन 10 साल बाद वह डॉक्टरों की कड़ी मेहनत के बाद फिर से अपने पांव पर खड़ा हो सका है। मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के डॉक्टरों ने अमित की एलवीए माइक्रो सर्जरी की है।
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10 साल पहले अमित सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। कमर के बाएं हिस्से पर किए गए ऑपरेशन से लिम्फ नोड्स (लिम्फेटिक्स) में व्यवधान उत्पन्न हो गया था, जिसके बाद अत्यधिक तरल पदार्थ जमा होने के कारण लिम्फेडेमा विकसित होना शुरू हो गया था।
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एलीफैंटियासिस (हाथी पांव) विकसित होने के बाद वह पटपड़गंज स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचा, यहां माइक्रो सर्जिकल तकनीक से गुजरने के बाद कई रिडक्शन सर्जरी और गैर-सर्जिकल साधनों से उसके बाएं पैर का वजन 45 किलोग्राम से 25 किलोग्राम तक किया गया।
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डॉक्टरों ने बताया कि जब अमित पहली बार अस्पताल पहुंचा, तो उसका पैर 120 सेंटीमीटर चौड़ा हो गया था। अब यह घटकर 65 सेंटीमीटर हो गया है। एक वयस्क पुरुष के पैर की सामान्य परिधि 35 से 40 सेमी तक होती है।
अस्पताल के डॉ. मनोज जौहर के अनुसार, अत्यधिक विशिष्ट और सुपरफाइन माइक्रो सर्जरी, लिम्फो-वेनस एनास्टोमोसिस (एलवीए), लिम्फेडेमा के इलाज के लिए अपनी तरह का एक अनूठा उपचार है, जो कैंसर सर्जरी या फाइलेरिया के रोगियों में आघात के कारण हो सकता है।