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लॉकडाउन में मजदूरों पर दर्ज मामलों में नहीं होगी कार्रवाई

Sat, 20 Feb 2021 01:29 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 20 Feb 2021 01:29 AM IST
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Action will not be taken in cases registered on workers in lockdown
नई दिल्ली। लॉकडाउन के दौरान दर्ज मामलों में दिल्ली पुलिस प्रवासी मजदूरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी। इन मामलों में कोर्ट में अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। यानी दिल्ली पुलिस कोर्ट में रिपोर्ट देगी कि उसे दर्ज मामले में कोई आरोपी व्यक्ति नहीं मिला। इस तरह कोर्ट में केस खत्म हो जाएगा। पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने सालाना प्रेसवार्ता के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में यह बात कही। पिछले वर्ष अपराध 15.87 फीसदी दर्ज हुए।
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दिल्ली पुलिस आयुक्त ने बताया कि प्रवासी मजदूरों के खिलाफ दर्ज मामलों में चार्जशीट के दौरान आरोपी को अनट्रेस बताया जाएगा, ताकि उसे किसी तरह की सजा न मिले। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान दो तरह के मामले दर्ज किए गए थे। एक सरकारी आदेश के उल्लंघन यानी आईपीसी की धारा 188 के तहत और दूसरा, दिल्ली पुलिस के एक्ट के तहत। जिन लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया था, उनके लिए पुलिस आयुक्त एक ऑर्डर लाएंगे। इसे उपराज्यपाल से अनुमति मिलने के बाद लॉकडाउन के दौरान दर्ज सारे नामजद मामले रद्द हो जाएंगे। ऐसी स्थिति में आरोपी व्यक्ति का नाम भी रिकॉर्ड से हट जाएगा।
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इससे पूर्व, सालाना प्रेसवार्ता में एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2019 के मुकाबले 2020 में आरोपियों को गिरफ्तार करने का ग्राफ 15.43 फीसदी बढ़ा है। इस अवधि में झपटमारी की वारदात में 27.11 फीसदी इजाफा हुआ। वर्ष 2019 में आईपीसी के 316261 मामले दर्ज हुए थे और 2925531 पीसीआर कॉल मिली थीं। वहीं वर्ष 2020 में कुल 266070 मामले दर्ज हुए और 1808384 पीसीआर कॉल मिलीं। वर्ष 2019 में डकैती के 15, रॉबरी के 1956, झपटमारी के 6266, वाहन चोरी के 46215 और अन्य चोरी के 193504 मामले दर्ज हुए थे। वर्ष 2020 में डकैती के नौ, रॉबरी के 1963, झपटमारी के 7965, वाहन चोरी के 35019 व अन्य चोरी के 134455 मामले दर्ज हुए।
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पुलिस आयुक्त ने बताया कि डकैती के केसों में 40 फीसदी, हत्या में 9.40 फीसदी, फिरौती के लिए अपहरण में 26.67 फीसदी, सेंधमारी में 27.33 फीसदी, वाहन चोरी में 24.23 फीसदी, अन्य चोरी में 30.52 फीसदी और अपहरण में 31.17 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
वर्ष 2020 में महिलाओं के प्रति अपराधों में भी कमी आई है। दुष्कर्म के मामले में 21.63 फीसदी, छेड़छाड़ में 25.16 फीसदी और बेइज्जती के मामलों में 12.32 की कमी आई है। केसों को सुलझाने का ग्राफ 5.64 फीसदी बढ़ा है।
वर्ष 2019 के मुकाबले 2020 में पीसीआर कॉल की दर भी घटी है। वर्ष 2019 में 2925531 पीसीआर कॉल मिली थीं तो 2020 में 1808384 कॉल आईं। यह संख्या 38.19 फीसदी कम है।

दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2020 में फिरौती के लिए अपहरण और डकैती के सभी केस सुलझाने का दावा किया है। इस दौरान हत्या के 89.62, हत्या के प्रयास के 95.61, रॉबरी के 92.21, दुष्कर्म के 94.41 फीसदी केसों को सुलझाया गया।
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