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Delhi News: दोहरे हत्या के मामले में 13 साल बाद आरोपी गिरफ्तार
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ललन की गिरफ्तारी पर 1 लाख रुपए का था इनाम, दिसंबर 2012 में दिल्ली की अदालत ने करार दिया था घोषित अपराधी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने दिल्ली में दोहरे हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी बिहार के मधेपुरा निवासी ललन कुमार उर्फ ललनवा (33) को 13 साल बाद शंकरपुर इलाके से गिरफ्तार किया गया है। वर्ष 2012 में ट्रक ड्राइवर और उसके हेल्पर की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता था। ललन की गिरफ्तारी पर 1 लाख रुपए का इनाम था और उसे दिसंबर 2012 में दिल्ली की एक अदालत ने घोषित अपराधी करार दिया था।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त डाॅ.हेमंत तिवारी ने बताया, ललन बिहार की स्थानीय अदालत के सामने पेश किया गया और दिल्ली ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि 31 जुलाई 2012 को पुल प्रहलादपुर पुलिस स्टेशन में राम गुप्ता की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। राम ने पुलिस को ट्रक के साथ ड्राइवर शमीम और हेल्पर शेरा के अपहरण की सूचना दी थी। जांच के दौरान शमीम का शव हरियाणा के पलवल और शेरा का शव उत्तर प्रदेश के मथुरा से बरामद किया गया।
गायब हुआ ट्रक बाद में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मिला था। घटना के बाद दो आरोपियों सुनील और शत्रुघ्न को गिरफ्तार किया गया। इन दोनों ने खुलासा किया था कि उन्होंने और ललन ने ट्रक लूटने की साजिश रची थी। ड्राइवर और हेल्पर ने विरोध किया तो उनकी हत्या कर दी थी। पूछताछ में ललन ने स्वीकार किया कि वर्ष 2012 से वह पंजाब, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और झारखंड जैसे राज्यों में अलग-अलग पहचान बनाकर रह रहा था।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने दिल्ली में दोहरे हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी बिहार के मधेपुरा निवासी ललन कुमार उर्फ ललनवा (33) को 13 साल बाद शंकरपुर इलाके से गिरफ्तार किया गया है। वर्ष 2012 में ट्रक ड्राइवर और उसके हेल्पर की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता था। ललन की गिरफ्तारी पर 1 लाख रुपए का इनाम था और उसे दिसंबर 2012 में दिल्ली की एक अदालत ने घोषित अपराधी करार दिया था।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त डाॅ.हेमंत तिवारी ने बताया, ललन बिहार की स्थानीय अदालत के सामने पेश किया गया और दिल्ली ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि 31 जुलाई 2012 को पुल प्रहलादपुर पुलिस स्टेशन में राम गुप्ता की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। राम ने पुलिस को ट्रक के साथ ड्राइवर शमीम और हेल्पर शेरा के अपहरण की सूचना दी थी। जांच के दौरान शमीम का शव हरियाणा के पलवल और शेरा का शव उत्तर प्रदेश के मथुरा से बरामद किया गया।
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गायब हुआ ट्रक बाद में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मिला था। घटना के बाद दो आरोपियों सुनील और शत्रुघ्न को गिरफ्तार किया गया। इन दोनों ने खुलासा किया था कि उन्होंने और ललन ने ट्रक लूटने की साजिश रची थी। ड्राइवर और हेल्पर ने विरोध किया तो उनकी हत्या कर दी थी। पूछताछ में ललन ने स्वीकार किया कि वर्ष 2012 से वह पंजाब, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और झारखंड जैसे राज्यों में अलग-अलग पहचान बनाकर रह रहा था।
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