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पीएम-युवा मेंटरशिप योजना में 75 युवा लेखकों का चयन
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नई दिल्ली। पीएम-युवा मेंटरशिप योजना में 75 युवा लेखकों का चयन हुआ है। ‘भारत का राष्ट्रीय आंदोलन’ विषय पर आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगिता से इनका चयन किया गया है।
इसमें 30 वर्ष से कम आयु के लेखकों का छात्रवृत्ति-सह-परामर्श योजना के लिए चयन हुआ है। इनमें से 38 पुरुष और 37 महिलाएं हैं। इसके अलावा, दो लेखक 15 वर्ष से कम आयु के हैं। वहीं, 15-20 वर्ष के आयु वर्ग में 16 लेखक हैं। 21-25 वर्ष के 32 लेखक हैं और 25 लेखक 26-30 वर्ष के आयु वर्ग से हैं।
मेंटरशिप के दौरान, इन्हें छह माह के लिए 50,000 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति मिलेगी। इसके अलावा, लेखकों को उनकी पुस्तकों के सफल प्रकाशन पर 10 फीसदी की रॉयल्टी देय होगी।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, चयनित लेखकों को छह महीने की मेंटरशिप दी जाएगी। इसमें उन्हें प्रख्यात लेखकों और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की संपादकीय टीम के मार्गदर्शन में अनुसंधान और संपादकीय सहायता प्रदान की जाएगी। ताकि इन युवा लेखकों की पुस्तक प्रस्तावों को पूर्ण पुस्तकों के रूप में प्रकाशित किया जा सके। इन पुस्तकों का अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद भी किया जाएगा।
मंत्रालय के अधीनस्थ राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (नेशनल बुक ट्रस्ट) ने आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रमों के अंतर्गत पीएम-युवा मेंटरशिप योजना के लिए ‘भारत का राष्ट्रीय आंदोलन’ विषय पर एक जून से 31 जुलाई तक प्रतियोगिता आयोजित की थी। इसी अखिल भारतीय प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा शनिवार को की गई है।
प्रतियोगिता के लिए 22 आधिकारिक भाषाओं और अंग्रेजी में लगभग 16000 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें कुछ भारतीय प्रवासी समुदाय से भी थे। सभी पुस्तक प्रस्तावों को विशेषज्ञों के पैनल द्वारा पढ़ा गया और जांच की तीन परतों के माध्यम से परखा गया।
पीएम ने मन की बात में आह्वान किया था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 जनवरी 2021 को मन की बात संबोधन के दौरान युवाओं से कहानी लिखने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि मैं अपने युवा मित्रों से हमारे स्वतंत्रता सेनानियों, उनसे जुड़ी घटनाओं और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वीरता की कहानियों के बारे में लिखने का आह्वान करता हूं। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के साथ मिलकर युवा लेखकों के लिए पीएम-युवा मेंटरशिप योजना की शुरुआत की थी।
यह हैं युवा लेखक
सरताज सिंह, जसप्रीत कौर व हरलीन पंजाबी लेखक, अनूप कृश्वन, अटूट संतोष, धर्मराज गुप्ता, दिनेश, इंदू वर्मा, इशा, कपिल, एमएम त्रिपाठी, माधव शर्मा, रितिका विष्ठ, सुशां भारती, उत्कृश आनंद को हिंदी लेखक, ताहिर अहमद को कश्मीरी, कृष्णेंदु मोहन ठाकुर को मैथिली, जनन संधु को संस्कृत और भारती देव को डोगरी भाषा में युवा लेखक का पुरस्कार मिलेगा।
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इसमें 30 वर्ष से कम आयु के लेखकों का छात्रवृत्ति-सह-परामर्श योजना के लिए चयन हुआ है। इनमें से 38 पुरुष और 37 महिलाएं हैं। इसके अलावा, दो लेखक 15 वर्ष से कम आयु के हैं। वहीं, 15-20 वर्ष के आयु वर्ग में 16 लेखक हैं। 21-25 वर्ष के 32 लेखक हैं और 25 लेखक 26-30 वर्ष के आयु वर्ग से हैं।
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मेंटरशिप के दौरान, इन्हें छह माह के लिए 50,000 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति मिलेगी। इसके अलावा, लेखकों को उनकी पुस्तकों के सफल प्रकाशन पर 10 फीसदी की रॉयल्टी देय होगी।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, चयनित लेखकों को छह महीने की मेंटरशिप दी जाएगी। इसमें उन्हें प्रख्यात लेखकों और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की संपादकीय टीम के मार्गदर्शन में अनुसंधान और संपादकीय सहायता प्रदान की जाएगी। ताकि इन युवा लेखकों की पुस्तक प्रस्तावों को पूर्ण पुस्तकों के रूप में प्रकाशित किया जा सके। इन पुस्तकों का अन्य भारतीय भाषाओं में अनुवाद भी किया जाएगा।
मंत्रालय के अधीनस्थ राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (नेशनल बुक ट्रस्ट) ने आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रमों के अंतर्गत पीएम-युवा मेंटरशिप योजना के लिए ‘भारत का राष्ट्रीय आंदोलन’ विषय पर एक जून से 31 जुलाई तक प्रतियोगिता आयोजित की थी। इसी अखिल भारतीय प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा शनिवार को की गई है।
प्रतियोगिता के लिए 22 आधिकारिक भाषाओं और अंग्रेजी में लगभग 16000 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें कुछ भारतीय प्रवासी समुदाय से भी थे। सभी पुस्तक प्रस्तावों को विशेषज्ञों के पैनल द्वारा पढ़ा गया और जांच की तीन परतों के माध्यम से परखा गया।
पीएम ने मन की बात में आह्वान किया था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 जनवरी 2021 को मन की बात संबोधन के दौरान युवाओं से कहानी लिखने का आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि मैं अपने युवा मित्रों से हमारे स्वतंत्रता सेनानियों, उनसे जुड़ी घटनाओं और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वीरता की कहानियों के बारे में लिखने का आह्वान करता हूं। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के साथ मिलकर युवा लेखकों के लिए पीएम-युवा मेंटरशिप योजना की शुरुआत की थी।
यह हैं युवा लेखक
सरताज सिंह, जसप्रीत कौर व हरलीन पंजाबी लेखक, अनूप कृश्वन, अटूट संतोष, धर्मराज गुप्ता, दिनेश, इंदू वर्मा, इशा, कपिल, एमएम त्रिपाठी, माधव शर्मा, रितिका विष्ठ, सुशां भारती, उत्कृश आनंद को हिंदी लेखक, ताहिर अहमद को कश्मीरी, कृष्णेंदु मोहन ठाकुर को मैथिली, जनन संधु को संस्कृत और भारती देव को डोगरी भाषा में युवा लेखक का पुरस्कार मिलेगा।