{"_id":"61855e2741369e4dd46252b7","slug":"3500-electric-buses-to-join-the-fleet-in-phases-ashram-news-noi614215364","type":"story","status":"publish","title_hn":"3500 इलेक्ट्रिक बसें चरणों में बेड़े में शामिल होंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
3500 इलेक्ट्रिक बसें चरणों में बेड़े में शामिल होंगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के इंडक्शन प्लान के मुताबिक डीटीसी और क्लस्टर के बेड़े में 3,500 नई इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जा रही हैं। इसके तहत 2300 से अधिक बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। अगले चरणों में शेष इलेक्ट्रिक बसें भी बेड़े में शामिल की जाएंगी। शून्य प्रदूषण उत्सर्जन वाली बसों के परिचालन से प्रदूषण में भी कमी आएगी।
सार्वजनिक परिवहन में केवल इलेक्ट्रिक बसें ही शामिल करने के दिल्ली सरकार के फैसले से यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली में फिलहाल 6793 बसों का बेड़ा है। इनमें दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की 3760 जबकि क्लस्टर स्कीम के तहत 3033 बसों का परिचालन हो रहा है। पुरानी बसों को हटाने के लिए सीएनजी बसों की आखिरी खेप (दो चरणों में) अगले कुछ महीने में शामिल की जाएंगी। इसके बाद दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक बसें ही खरीदी जाएंगी।
सार्वजनिक परिवहन में शून्य उत्सर्जन को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि 2024 तक कुल पंजीकृत होने वाले वाहनों में 25 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी रहेगी।
विज्ञापन
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत के मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बस डिपो में चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं तो छह नए डिपो की पहचान भी की जा चुकी है। निजी वाहनों की चार्जिंग के लिए 200 नए चार्जिंग स्टेशन बनाने का सरकार का लक्ष्य है। सीएनजी बसों की इस बार होने वाली खरीद के बाद आगे केवल इलेक्ट्रिक बसें ही दिल्ली की सड़कों पर उतारी जाएंगी।
190 लो फ्लोर एसी बसों को कैबिनेट ने दी मंजूरी
सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, जीपीएस, रीयल टाइम पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और दिव्यांगों के लिए अनुकूल 190 लो फ्लोर सीएनजी एसी बसें क्लस्टर योजना के तहत शामिल की जाएंगी। सभी बसें बीएस-6 मानकों के अनुरूप होंगी। इन बसों का संचालन घुम्मनहेड़ा डिपो से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में कैबिनेट ने शुक्रवार को क्लस्टर योजना के तहत 190 लो-फ्लोर एसी सीएनजी बसों को शामिल करने की मंजूरी दे दी है। इसी साल मार्च में बसों के लिए टेंडर जारी किया गया। केवल एक ही बोली दाता होने की वजह से क्लस्टर में 160 और 190 बसों को शामिल करने का निर्णय लिया गया।
क्लस्टर स्कीम के तहत 350 नई बसें शामिल होने के बाद दिल्ली में 7140 बसों का बेड़ा हो जाएगा। यह पिछले वर्षों में दौरान दिल्ली में सर्वाधिक बसों का बेड़ा होगा।
दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड (डीआईएमटीएस) की ओर से पांच मार्च को इसके लिए टेंडर जारी किया गया था। वर्तमान में दिल्ली सरकार की क्लस्टर योजना के तहत कुल 3,033 नॉन-एसी और एसी बसों का परिचालन किया जा रहा है। साल की शुरुआत में दिल्ली कैबिनेट ने 160 बसों को ठेका देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी थी।
190 बसों के बाद यह संख्या बढ़कर 3,383 तक पहुंच जाएंगी। 300 इलेक्ट्रिक बसें भी अगले साल तक डीटीसी के बेड़े में शामिल कर ली जाएंगी। 190 बसों को प्रचलित किराया संरचना पर 10 वर्षों के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग पर 1,259 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
विज्ञापन
सार्वजनिक परिवहन में केवल इलेक्ट्रिक बसें ही शामिल करने के दिल्ली सरकार के फैसले से यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली में फिलहाल 6793 बसों का बेड़ा है। इनमें दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की 3760 जबकि क्लस्टर स्कीम के तहत 3033 बसों का परिचालन हो रहा है। पुरानी बसों को हटाने के लिए सीएनजी बसों की आखिरी खेप (दो चरणों में) अगले कुछ महीने में शामिल की जाएंगी। इसके बाद दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक बसें ही खरीदी जाएंगी।
विज्ञापन
सार्वजनिक परिवहन में शून्य उत्सर्जन को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि 2024 तक कुल पंजीकृत होने वाले वाहनों में 25 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी रहेगी।
विज्ञापन
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत के मुताबिक इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बस डिपो में चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं तो छह नए डिपो की पहचान भी की जा चुकी है। निजी वाहनों की चार्जिंग के लिए 200 नए चार्जिंग स्टेशन बनाने का सरकार का लक्ष्य है। सीएनजी बसों की इस बार होने वाली खरीद के बाद आगे केवल इलेक्ट्रिक बसें ही दिल्ली की सड़कों पर उतारी जाएंगी।
190 लो फ्लोर एसी बसों को कैबिनेट ने दी मंजूरी
सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, जीपीएस, रीयल टाइम पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और दिव्यांगों के लिए अनुकूल 190 लो फ्लोर सीएनजी एसी बसें क्लस्टर योजना के तहत शामिल की जाएंगी। सभी बसें बीएस-6 मानकों के अनुरूप होंगी। इन बसों का संचालन घुम्मनहेड़ा डिपो से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में कैबिनेट ने शुक्रवार को क्लस्टर योजना के तहत 190 लो-फ्लोर एसी सीएनजी बसों को शामिल करने की मंजूरी दे दी है। इसी साल मार्च में बसों के लिए टेंडर जारी किया गया। केवल एक ही बोली दाता होने की वजह से क्लस्टर में 160 और 190 बसों को शामिल करने का निर्णय लिया गया।
क्लस्टर स्कीम के तहत 350 नई बसें शामिल होने के बाद दिल्ली में 7140 बसों का बेड़ा हो जाएगा। यह पिछले वर्षों में दौरान दिल्ली में सर्वाधिक बसों का बेड़ा होगा।
दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड (डीआईएमटीएस) की ओर से पांच मार्च को इसके लिए टेंडर जारी किया गया था। वर्तमान में दिल्ली सरकार की क्लस्टर योजना के तहत कुल 3,033 नॉन-एसी और एसी बसों का परिचालन किया जा रहा है। साल की शुरुआत में दिल्ली कैबिनेट ने 160 बसों को ठेका देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी थी।
190 बसों के बाद यह संख्या बढ़कर 3,383 तक पहुंच जाएंगी। 300 इलेक्ट्रिक बसें भी अगले साल तक डीटीसी के बेड़े में शामिल कर ली जाएंगी। 190 बसों को प्रचलित किराया संरचना पर 10 वर्षों के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग पर 1,259 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी।