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अगवा कर एक लाख में बेची गई 3 साल की बच्ची बरामद
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नई दिल्ली। राज पार्क थाना पुलिस ने यू ब्लॉक मंगोलपुरी से मोनी देवी की तीन साल की बेटी एंजिल को अगवा कर एक लाख में बेचने और खरीदने वाले दो महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। बच्ची सकुशल बरामद हो गई है। वारदात का खुलासा सीसीटीवी की मदद से हुआ।
बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त परविंदर सिंह ने बताया कि 6 अप्रैल को मोनी देवी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एंजिल पार्क में खेल रही थी। वे घर में थीं। इसी दौरान बच्ची का अपहरण हो गया। एएसआई अजय के नेतृत्व में पड़ोसियों से पूछताछ हुई। ब्लॉक में लगे करीब 50 सीसीटीवी कैमरों की छानबीन हुई। एक फुटेज में बच्ची को ले जाता दंपती मंगोलपुरी एस ब्लॉक निवासी रवि और पत्नी संतोष दिखा। बच्ची उनके पास नहीं मिली। संतोष ने बताया कि जयपुर गोल्डन अस्पताल में कार्यरत महेश ने उसे एक मरीज की देखभाल की नौकरी दिलाई थी। मरीज के ठीक होने के बाद वह बेरोजगार हो गया। उसने फिर महेश से मदद मांगी। उसने 5 साल के बच्चे की व्यवस्था करने पर 50 हजार रुपये देने की बात कही।
महेश को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि साथ काम करने वाले सुल्तानपुरी निवासी रामप्रसाद ने कहा था कि उसकी बहन गुड्डन के लिए एक बच्चे की जरूरत है। वह पति से अलग मंगोलपुरी एस ब्लॉक में रहती है और अवसाद में है। महेश ने रवि और संतोष के जरिये बच्ची का अपहरण कर रामप्रसाद से एक लाख रुपये मांगने की साजिश रची। रवि और संतोष ने 6 अप्रैल को एंजल का अपहरण किया। गुड्डन के पास से बच्ची को बरामद कर रामप्रसाद, गुड्डन, संतोष, रवि और महेश को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके कब्जे से पुलिस ने 84.5 हजार रुपये भी बरामद कर लिए।
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बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त परविंदर सिंह ने बताया कि 6 अप्रैल को मोनी देवी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एंजिल पार्क में खेल रही थी। वे घर में थीं। इसी दौरान बच्ची का अपहरण हो गया। एएसआई अजय के नेतृत्व में पड़ोसियों से पूछताछ हुई। ब्लॉक में लगे करीब 50 सीसीटीवी कैमरों की छानबीन हुई। एक फुटेज में बच्ची को ले जाता दंपती मंगोलपुरी एस ब्लॉक निवासी रवि और पत्नी संतोष दिखा। बच्ची उनके पास नहीं मिली। संतोष ने बताया कि जयपुर गोल्डन अस्पताल में कार्यरत महेश ने उसे एक मरीज की देखभाल की नौकरी दिलाई थी। मरीज के ठीक होने के बाद वह बेरोजगार हो गया। उसने फिर महेश से मदद मांगी। उसने 5 साल के बच्चे की व्यवस्था करने पर 50 हजार रुपये देने की बात कही।
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महेश को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि साथ काम करने वाले सुल्तानपुरी निवासी रामप्रसाद ने कहा था कि उसकी बहन गुड्डन के लिए एक बच्चे की जरूरत है। वह पति से अलग मंगोलपुरी एस ब्लॉक में रहती है और अवसाद में है। महेश ने रवि और संतोष के जरिये बच्ची का अपहरण कर रामप्रसाद से एक लाख रुपये मांगने की साजिश रची। रवि और संतोष ने 6 अप्रैल को एंजल का अपहरण किया। गुड्डन के पास से बच्ची को बरामद कर रामप्रसाद, गुड्डन, संतोष, रवि और महेश को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके कब्जे से पुलिस ने 84.5 हजार रुपये भी बरामद कर लिए।
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