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शरीर में थी ये बड़ी बीमारी फिर भी नहीं हारा हौसला, बनी मिस यूपी की उपविजेता
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 27 Dec 2017 02:41 PM IST
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miss up first runner up
- फोटो : अमर उजाला
कहते हैं सपनों की उड़ान के लिए हौसले बुलंद होना जरूरी है। जिसने भी इसे अपनाया, वह सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ता गया। हौसलों के बल पर ही स्पाइनल सर्जरी की मरीज ने मिस यूपी प्रतियोगिता तक सफर तय किया।
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हालांकि वे खिताब से जरा चूक गईं, लेकिन काबिलियत और हौसलों की वजह से उपविजेता जरूर रहीं। विकृति (स्पाइनल डिफॉर्मिटी) से जूझ रही थीं। इसे लेकर वह कुछ ही दिन पहले दिल्ली के इंडियन स्पाइनल इंजरीस सेंटर में भर्ती हुईं थीं। यहां इलाज और पुनर्वास के बाद उन्होंने मिस यूपी वोग फैशन शो 2017 तक सफर तय किया।
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डॉक्टरों का कहना है कि सुजाता को अपनी बीमारी के बारे में पता नहीं था। वह इस बीमारी के साथ ही जी रही थीं, जब तक कि 2009 में उन्हें असहनीय दर्द नहीं हुआ। जब योग से भी उन्हें फायदा नहीं हुआ तो वे चिकित्सीय सलाह लेने पहुंचीं।
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जनवरी 2014 में इंडियन स्पाइनल इंजरीस सेंटर (आईएसआईसी) के डॉ विकास टंडन ने सुजाता का इलाज शुरू किया। उन्होंने बताया कि सुजाता दो दिन में एक गैलेक्सी प्रोसेस्योर नामक चिकित्सीय पद्घति से गुजरीं।
इसमें उन्हें तीन चरणों में एक सर्जरी से भी गुजरना पड़ा। इसके बाद लंबा आराम और फिजियोथैरेपी की बदौलत उन्होंने मॉडलिंग में वापसी की। डॉक्टरों का कहना है कि रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारियां लाइलाज नहीं है। इसलिए लोगों को इससे घबराना नहीं चाहिए। बल्कि समय पर इलाज कराने के लिए जागरूक रहना चाहिए।