सूरज की रहस्यमयी मौत: शरीर पर नहीं जाहिरा चोट के निशान, फिर नींद में कैसे गई जान? अब इस तकनीक से खुलासा संभव
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान सूरज पुत्र रंजीत कुमार के रूप में हुई है। वह मूलरूप से तिरूपुर थाना धमौल जिला नवादा, बिहार का रहने वाला था। उसकी उम्र करीब 17 वर्ष है।
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ग्रेटर नोएडा स्थित ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र के कुलेसरा गांव की श्रीराम कॉलोनी में शुक्रवार शाम एक 17 वर्षीय किशोर अपने दोस्त के कमरे में अचेत अवस्था में मिला। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। किशोर के शरीर पर प्रथम दृष्टया किसी तरह की जाहिरा चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी।
बिहार का रहने वाला था सूरज
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान सूरज पुत्र रंजीत कुमार के रूप में हुई है। वह मूलरूप से तिरूपुर थाना धमौल जिला नवादा, बिहार का रहने वाला था। उसकी उम्र करीब 17 वर्ष है। सूरज अपने दोस्त आजाद पुत्र हरिराम और उसके भाई अरुण पुत्र हरिराम के साथ कुलेसरा स्थित श्रीराम कॉलोनी में किराए के कमरे पर आया था। शुक्रवार शाम डायल-112 पर सूचना मिली कि आजाद के कमरे में सूरज अचेत अवस्था में पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सूरज को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
शरीर पर नहीं थे चोट के निशान
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक के शरीर पर किसी तरह की चोट नहीं मिलने के कारण पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।