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उधार देने से मना किया तो बना डाला 'उधार खाता' एप 

Wed, 28 Aug 2019 09:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 28 Aug 2019 09:17 AM IST
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Lending account app made when refused to lend
अर्जुन अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला

ग्राहकों को उधार सामान देना दुकानदारों के लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है। किराने की दुकान चलाने वाले महीने के आखिर में ग्राहकों से पैसे लेते हैं। ऐसे में उधार दिए सामानों को लिखने में थोड़ी भी चूक हो जाए तो इन्हें बड़ा नुकसान हो जाता है। 

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ऐसे में उधार खाता एप इन दुकानदारों की काफी मदद कर सकता है। यह आइडिया अर्जुन अग्रवाल को उस दिन आया जब उनके पड़ोस के ही दुकानदार ने उन्हें उधार सामान देने से मना कर दिया।
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यह एप किसी इंजीनियर ने नहीं बल्कि 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र द्वारा तैयार किया गया है। गुरुग्राम निवासी व हैरिटेज एक्सपेरिमेंटल लर्निंग स्कूल में पढ़ने वाले छात्र अर्जुन अग्रवाल ने छोटे दुकानदारों की मुश्किलों को देखते हुए उधार खाता एप तैयार किया है।

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ऐसे मिला एप बनाने का आइडिया

इससे दुकानदारों को उधार देने में कोई परेशानी नहीं होगी और ग्राहकों को भी सहूलियत होगी। दरअसल आज भी किराने के दुकान पर लोग रोजमर्रा के सामान उधार ही खरीदते हैं। जैसे दूध, अंडा, ब्रेड, दही आदि। 

इन सामानों का हिसाब महीने के आखिर में कर के दुकानदार ग्राहकों से पैसे लेते हैं। इस बीच उधारी लिखना भूल जाएं, तो नुकसान भी हो जाता है। दुकानदारों की इसी समस्या का समाधान करने के लिए एप तैयार किया गया है। 

ऐसे मिला एप बनाने का आइडिया
अर्जुन अग्रवाल ने बताया कि एक दिन पड़ोस की दुकान पर उधार सामान लेने गया, लेकिन दुकानदार ने सामान देने से मना करते हुए कहा कि उनका पहले से काफी पैसा लोग नहीं लौटा रहे हैं। ऐसे में उसने लोगों को उधार देने से मना कर दिया है। 

दुकानदार की बात सुन कर उधार खाता एप का विचार आया। इसके बाद हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से एक महीने का ऐप डेवलपमेंट कोर्स किया है। फिर महीने भर एप बनाने पर काम किया। उधारी खाता मेरा पहला एप है।

ऐसे करेगा काम 

इस ऐप को कोई भी दुकानदार गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकता है। इसमें अपनी शॉप का नाम रजिस्टर करना होगा। इसके बाद इसमें उधार खाता चलाने वाले अपने ग्राहक का नाम और मोबाइल नंबर फीड करना होगा।

ग्राहक के खाते में रोजाना खरीदने वाले सामानों को पहले ही उधार खाते की लिस्ट में शामिल किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर इसमें कभी भी बदलाव भी किया जा सकता है। 

इस एप्लीकेशन में ग्राहक को रिमाइंड करने के लिए मैसेज भेजने की भी सुविधा है। हालांकि ऐप पर पेमेंट की सुविधा नहीं है, अभी सिर्फ एक नोटिफिकेशन की तरह काम करेगा।  

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