हौसलों की उड़ान से आसमां छू रहीं महिलाएं, विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर तोड़ रहीं मिथक
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सपनों को पूरा करने की जिद हो और अपने पर विश्वास हो तो हौसलों को नई उड़ान मिल ही जाती है। महिलाओं को ऐसी ही उड़ान एयर इंडिया की महिला पायलट सुनीता नरुला ने दी है।
सुनीता एयर इंडिया की महिला क्रू मेंबर वाली विशेष फ्लाइट में मुख्य कमांडर रहीं। यह फ्लाइट दिल्ली एयरपोर्ट से फरवरी में सैनफ्रांसिस्को के लिए रवाना हुई थी। लगभग 30 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर यह विशेष फ्लाइट 3 मार्च को दिल्ली आई है।
सुनीता ने बताया कि इस फ्लाइट की खास बात यह थी कि इसमें सभी क्रू मेंबर महिलाएं ही थी। सुनीता समेत अन्य क्रू मेंबर के लिए यह काफी अनूठा व यादगार सफर रहा। करनाल की रहने वाली सुनीता बताती हैं कि वैसे तो 22 साल से विमान उड़ा रही हूं लेकिन यह बेहद ही रोमांचक सफर रहा।
यह एक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी रहा। प्रशांत महासागर के ऊपर से होते हुए सैनफ्रांसिस्को पहुंचे और फिर प्रशांत महासागर के ऊपर से होते हुए वापस आए। उन्होंने बताया कि एयर इंडिया की यह फ्लाइट इसलिए खास थी क्योंकि हम इसके माध्यम से नारी शक्ति के बारे में बता सके।
हमने यह साबित किया कि ऐसा कोई काम नहीं जो महिलाएं नहीं कर सकती। वह बताती हैं कि उनके पायलट बनने में उन्हें उनकी मां का भरपूर सहयोग मिला है। मां की बदौलत ही वह यहां तक पहुंच सकी।
महिलाओं के लिए वह कहती हैं कि सपने देखना बंद मत करिए, बड़े सपने देखो और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करो। बेटियों के माता-पिता के लिए उनकी सीख है कि वह अपनी बेटियों को सपने पूरा करने की आजादी दें।
विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए मिश्रा को आज मिलेगा नारी शक्ति सम्मान
हमारे यहां पुरुष प्रधान समाज में रूढ़िवादिता है। यह सोचा जाता है कि महिलाएं वह काम नहीं कर सकती जो कि पुरुष कर सकते हैं। समाज में इसी मिथक को तोड़ने के लिए मूलरूप से आगरा निवासी पल्लवी मिश्रा (बाइकर) ने अन्य महिलाओं के लिए एक उदाहरण पेश किया है।
अपने बाइक के जुनून और फिर एडवेंचर बाइक की दीवानगी के चलते उन्हें तीन वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। इन्हीं रिकॉर्ड की बदौलत राष्ट्रपति भवन में पल्लवी मिश्रा को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित किया जा रहा है।
वर्तमान में दिल्ली निवासी पल्लवी मिश्रा बताती हैं कि बचपन से बाइक चलाने का शौक था। नाते-रिश्तेदार बाइक चलाने को पुरुषों का काम समझते थे लेकिन घरवालों ने इस शौक को पनपने दिया। इस दौरान फाइन आर्ट्स, फैशन डिजाइनिंग, टीचर ट्रेनिंग कोर्स किए।
जिस ऊंचाई तक कोई नहीं गया वहां बाइक से जाकर बनाया रिकॉर्ड
वर्ष 2004 में शादी हो गई और बाइक चलाने के शौक में थोड़ा ठहराव आया। यह मन में आने लगा कि यह लोग क्यों निर्णय लें कि हम क्या करें। लिहाजा थोड़ा रुक कर एडवेंचर बाइक शुरू की।
इसे आगे बढ़ाते हुए 2015 में तीन वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए। जिनमें पहला लद्दाख में एकल यात्रा करते हुए 16 रास्तों को पार किया। उसमें से 8 रास्ते ऐसे थे जो कि 5000 हजार मीटर की ऊंचाई पर थे। वहीं इनमें से तीन ऐसे थे जहां अभी तक बाइक से कोई नहीं पहुंचा था।
लद्दाख के पास माना पास की ऊंचाई 78774 फीट है। वहां बाइक से अकेला कोई नहीं गया। वहां तक पहुंच कर रिकॉर्ड बनाया। वहीं बाइक से साफ पानी लेक (देवताल) तक भी बाइक से पहुंची।
वह कहती हैं कि वह इटेलियन कंपनी के लिए डिजाइनिंग करती थी लेकिन अपने आराम के काम से बाहर आकर एडवेंचर बाइक को चुना। पल्लवी को अपने दोनों बेटों व पति से खूब सहयोग मिला। वह महिलाओं को संदेश देते हुए कहती हैं कि अपने सपने पूरा करें और सही सपने के लिए पहल जरूर करें।