सोशल डिस्टेंसिंग ही कोरोना से बचाव का बेहतर विकल्प माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। जिले में लगातार कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही जमात से वापस लौटकर आए लोगों में कोरोना के संक्रमण बढ़ने की आशंका से हर व्यक्ति परेशान है। अब तक एक जमाती सहित दस मरीज हो चुके हैं। जबकि अभी भी 146 रिपोर्ट का इंतजार है। डाक्टरों का कहना है कि कोरोना से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है कि सोसल डिस्टेंसिंग बनाए रखें। ------------- कोरोना की चपेट में आने वाले मरीज में सिरदर्द, खांसी, मांसपेशियों में दर्द, बुखार, थकान और सांस लेने में परेशानी होती है। कोरोना का लक्षण दिखने में 5 से 7 दिनों का समय लगता है। इसके लक्षण मरीज के भीतर 14 से 20 दिनों तक बने रहते हैं। बचाव का सबसे बेहतर तरीका है कि सोसल डिस्टेंसिंग बनाए रखें और भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने से बचना चाहिए। डा. अंशुल वार्ष्णेय, फिजीशियन -------------- कोरोना सभी उम्र के लोगों के लिए उतना ही खतरनाक है, जितना बच्चों और बुजुर्गों के लिए, हालांकि बच्चों और बुजुर्गों की प्रतिरोधक क्षमता युवाओं से कम होती है, इसलिए उन पर इसका असर अधिक देखा जा रहा है। बुजुर्गों-बच्चों के अलावा अस्थमा एवं अन्य मरीजों के लिए कोरोना अधिक खतरनाक है। इसलिए उन्हें अधिक एहतियात बरतने की जरूरत होती है। डा. आशीष अग्रवाल, चेस्ट फिजीशियन ------------------- कोरोना से बचाव के लिए इन बातों पर दें ध्यान - खांसते और छींकते वक्त टिशू का इस्तेमाल करें और इस्तेमाल करने के बाद इसे तुरंत फेंक दें। - कोरोना से बचने के उपाय हाथों को बार-बार साबुन से धोएं या एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। - अपने आंख, नाक और मुंह को ना छुएं। अगर ऐसा करना जरूरी है तो छूने से पहले और छूने के बाद अपना हाथ जरूर धोएं या उसे सैनिटाइजर से साफ करें। - कोशिश करें कि किसी भी सर्दी-जुकाम से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में ना जाएं। - कुछ भी खाने से पहले हाथ को अच्छे से साबुन या हैंडवाश से धुलें। - धुलने का समय कम से कम 20 सेकेंड का होना चाहिए। ---------------- आशुतोष यादव